यह प्रचार सामग्री अभी भी सीएमओ कार्यालय में डंप पड़ी है, जबकि इसे पीएचसी/सीएचसी और आशा बहुओं के माध्यम से गांव में पहुंच जाना चाहिए था।
प्रदेश सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को कलेंडर में छपवाकर आमजन तक पहुंचाने की योजना तैयार की थी। इसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो, समाजवादी पेंशन, समाजवादी स्वास्थ्य सेवाएं, वुमेन पावर और महिलाओं को बराबरी पर लाने जैसी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का खाका तैयार किया था।
वित्तीय वर्ष के अनुरूप तैयार कलेंडर में अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक के माह तारीख और इसी में विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियां अंकित हैं।
सितंबर का एक पखवारा बीतने को है, पर यह प्रचार सामग्री अभी सीएमओ कार्यालय से बाहर नहीं निकल पाई है। लाख टके का सवाल है कि प्रदेश सरकार की उपलब्धियों की यह प्रचार-प्रसार सामग्री गांवों तक आखिर कब पहुंचेगी?