रंगमहल में दर्शन को जातीं केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती।
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केंद्रीय जल संसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती ने कहा कि गंगा का मॉडल सरयू, गोमती व यमुना नदियों पर भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव से उनका विशेष जुड़ाव नहीं है। सिर्फ वोट मांगने तक ही उनकी दिलचस्पी होगी। उमा बोलीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी कर राजनीति का एजेंडा बदल कर रख दिया है। सपा, बसपा और कांग्रेस घबरा गई हैं। नोटबंदी से देश का भविष्य अच्छा होने जा रहा है।
सुश्री भारती रविवार को विवादित परिसर में विराजमान रामलला का दर्शन-पूजन करने के बाद रंगमहल में पत्रकारों से बात कर रही थीं। उन्होंने कहा कि रामलला से गंगा को अविरल कराने का भी वरदान मांगा है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा के किनारे गंदे पानी का ट्रीटमेंट करके गंगा में जाने की बात कही थी लेकिन उसका डीपीआर गलत बनाया गया है। बिना ट्रीटमेंट के आज भी गंदा पानी गंगा में बहाया जा रहा है। जुलाई 2016 में निर्मलता का फेज वन शुरू हो गया था और 2018 में निर्मलता का फेस टू फेज वन का रिजल्ट लेकर आएगा।
उसकेबाद के कार्य में तीन साल और लगेंगे। कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव की डुगडुगी बज गई है। आज पार्टियां नोटबंदी से परेशान हैं। मायावती के मालखाने में कितने नोट थे जो तहखानों में धरे रह गए। कहा कि मुलायम सिंह ने राजनीति में शुरू के दिनों में मेहनत की, अखिलेश ने तो उनकी ही कमाई खाई है।
कांग्रेस में इंदिरा जी के बाद सब उनके नाम से ही खा रहे हैं। आज डेवलपमेंट जन भावनाओं और आस्था का सवाल हो गया है। उमा भारती ने कहा कि पूरी दुनिया में इतना बड़ा हिंदू समाज है। बड़े-बड़े पांडाल सजते हैं, राम का नाम लेते हैं लेकिन यहां पर जब घाटों के निर्माण या स्वच्छता की बात आती है तो सरकार से क्यों पैसा मांगते हैं।
साधु संत हिंदू समाज को प्रेरणा दें और अपने-अपने माता-पिता के नाम पर घाट व सीढ़ियां बनवाएं। कहा कि राम की पैड़ी के लिए हमारे पास कोई प्लान नहीं है और करना भी नहीं चाहूंगी। हम चाहेंगे कि साधु-संत व समाज प्लान करें। उनके साथ रामशंकर दास उर्फ लड्डू दास, अभिषेक मिश्र आदि मौजूद रहे।