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अमृत वर्षा से खिले किसानों के चेहरे, फसलों को मिला जीवनदान

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अयोध्या। रामनगरी में बुधवार दोपहर झमाझम अमृत वर्षा के रूप में बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरे खिल गए। बारिश से धान और गन्ने की फसल को संजीवनी मिलीलोगों को गर्मी से भी राहत मिली।
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मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर बाद तक जिले में करीब 65 मिली मीटर बारिश हुई है। एक सप्ताह तक बारिश होने की संभावना है।
अयोध्या-फैजाबाद जुड़वा शहर में बुधवार दोपहर बाद करीब दो बजे काले बादलों के चलते अंधेरा छा गया। चार पहिया व दो पहिया वाहनों को अपनी हेडलाइट जलनी पड़ी। इसके बाद करीब दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई।
इसके बाद बूंदाबांदी का क्रम देर शाम तक जारी रहा। बरिश के चलते जगह-जगह जलभराव भी हो गया। अयोध्या के बिडला मंदिर, पुष्पराज चौराहे, विल लाइन समेत इलाकों में घंटों पानी भरा रहा।
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भेलसर प्रतिनिधि के अनुसार एक पखवाड़े से अधिक समय से रूठे मानसून से धान, गन्ना आदि फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिच गई थीं।
बारिश से कुछ किसानों की चिंता तो दूर हो गई लेकिन अभी भी रुदौली नगर सहित कुछ इलाके सूखे पड़े हैं। किसानों का मानना है कि अमृत वर्षा से फसलों को कुछ राहत मिल गई, लेकिन अच्छी बारिश न होने से अभी नदी, नाले, कुएं खाली पड़े हुए हैं।
कुमारगंज प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार रात करीब 8 बजे कस्बे समेत कुछ ग्रामीण इलाकों में करीब 30 एमएम बारिश हुई। बुधवार को भी कुछ गांवों में बारिश हुई, जबकि कस्बा कुमारगंज पूरी तरह सुखा रहा।
यहां अभी लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार दोपहर बाद कुछ इलाकों में मध्यम वर्षा हुई तो कुछ इलाकों में महज बूंदाबांदी ही हुई।
बीकापुर संवाददाता के अनुसार सुबह से ही आसमान में काले बादल थे लेकिन बारिश नहीं हुई। दोपहर में बादलों के चलते अंधेरा छा गया लेकिन बारिश के नाम पर कुछ बूंदे ही गिरी। किसानों को अभी भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
वहीं, मया, पूरा, गोसाईगंज इलाके कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बरसात हुई। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के कृषि वैज्ञानिक एवं निदेशक प्रसार डॉ. एपी राव ने बताया कि किसानों को लेट वैरायटी के धान की बुआई करनी चाहिए।
जिसमें नरेंद्र देव 97 नरेंद्र 2064 वह 2065 प्रजातियां प्रमुख हैं। यह कम समय में अधिक उत्पादन देती हैं। इसके अतिरिक्त वह किसान जो नर्सरी डाल चुके हैं उन्हें चाहिए कि वह पौधे से पौधे की दूरी कम करके एवं अधिक संख्या में धान की रोपाई करें।
किसानों को यूरिया का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। आचार्य नरेंद्र देव कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग द्वारा पूर्व में ही 20-21 जुलाई को बारिश होने की संभावना जताई थी। उनका यह पूर्वानुमान सही साबित हुआ।
मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्र के अनुसार आगामी एक सप्ताह तक अच्छी बारिश होने के आसार है। मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर बाद तक जिले में करीब 65 मिली मीटर बारिश हुई है।
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