अयोध्या। जिला अस्पताल अब दलालों का अड्डा बनता जा रहा है। यहां नानी के ऑपरेशन के लिए आए एक युवक से अस्पताल में ही टहल रहे एक व्यक्ति ने पांच हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा। आरोप है कि जब उसने देने में असमर्थता जताई तो अस्पताल के कागजात छीन लिए।
विवाद बढ़ा तो सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंची रिकाबगंज चौकी की पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर चौकी पर ले गई, लेकिन वहां पीड़ित ने कोई तहरीर नहीं दी और दोनों पक्षों में सुलह-समझौता हो गया।
महाराजगंज थाना क्षेत्र के द्वारिकापुर निवासी सुजीत कुमार सोमवार को जिला अस्पताल में अपनी नानी सुखराजी को ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल लाया थे। सुजीत कुमार ने बताया कि अस्पताल में एक युवक उसे मिला और बिना परेशानी ऑपरेशन कराने के नाम पर उससे 5000 रुपये की मांग की।
जब उसने रुपये देने से इंकार किया तो उसकी फाइल छीन ली। अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों की सूचना पर पहुंची रिकाबगंज पुलिस आरोपी को पकड़कर चौकी ले गई। इस दौरान अस्पताल परिसर में घंटों अफरातफरी का माहौल रहा।
चौकी इंचार्ज रिकाबगंज रामप्रकाश सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी, आपस में सुलह-समझौता कर लिया। वहीं, अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सीबीएन त्रिपाठी ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। संबंधित युवक अस्पताल का कर्मचारी नहीं था। दलालों से सावधान रहते हुए पुलिस को सूचित करने के लिए लगातार घोषणा कराई जाती है।