रुदौली नगर पालिका परिषद की कुव्यवस्था से जाडे़ में गरीबों को बंटने वाला कंबल अब गर्मी में आया है। जबकि इसका भुगतान दिसबंर में हो गया था। मंगलवार को दोपहर ठेले से कंबल की खेप पहुंची तो इसे देख लोग हतप्रभ रह गए।
नगर पालिका की कार्यप्रणाली निराली है। जाड़े में गरीबों को वितरण के लिए 21 सौ कंबलों की खरीद का प्रस्ताव पास किया गया था। बिना पूरी आपूर्ति के ही दिसंबर में इसका भुगतान भी कर दिया गया। पालिका प्रशासन की मानें तो शेष रह गए कंबलों की आपूर्ति मंगलवार को की गई है।
दोपहर गांधी आश्रम रुदौली के विक्रय प्रतिनिधि कई ठेले पर सैकड़ों कंबल लदवाकर पालिका पहुंचे थे। नगर पालिका कार्यालय में इस दौरान टेंडर प्रक्रिया चल रही थी। पालिका के वरिष्ठ लिपिक ने कंबल उतरवाया। लिपिक भगौती प्रसाद ने बताया कि अधिशासी अधिकारी व अध्यक्ष के निर्देश पर कंबल आया है, जो रखवा दिया गया है, अब बंटेगा कि नहीं वे नहीं जानते।
अधिशासी अधिकारी श्यामेंद्र चौधरी का कहना है कि पालिका के 25 वार्डों में बांटने के लिए 21 सौ कंबल खादी आश्रम से खरीदने का निर्णय लिया गया था, इनमें से प्रत्येक वार्ड मे 85 कंबल ठंड में बांटे जाने थे। ठंड में पालिकाध्यक्ष ने सभासदों के साथ मिलकर वार्डों में कंबल वितरण किया था। कितने वार्डों मे कंबल बंटा, नहीं जानते। मंगलवार को आए कंबलों की सही संख्या से अनभिज्ञता जताई। कहा कि कंबल आने की जानकारी उन्हें है। वरिष्ठ लिपिक का कहना था कि पालिकाध्यक्ष के निर्देश पर गांधी आश्रम से आए कंबल उतरवाए गए हैं।
पालिकाध्यक्ष अशोक कसौंधन ने बताया कि पांच वार्डों में कंबल का वितरण नहीं हो पाया था। सभी 21 सौ कंबलों का भुगतान दिसंबर में ही किया जा चुका है। लगभग चार सौ कंबल पालिका कार्यालय मे नहीं आए थे, मंगलवार को गांधी आश्रम से कंबल मगवाए गए हैं। सभासदों की सहमति से ही गर्मी के मौसम में भी कंबलों का वितरण किया जाएगा।
एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि बिना कंबल की आपूर्ति के भुगतान कैसे हो गया, इसकी जांच कराई जाएगी। भीषण गर्मी मे कंबल बांटने के बारे में ईओ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।