अप्रैल माह से शासन ने पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय परिवारों को मिलने वाली चीनी पर सब्सिडी देना बंद कर दिया है। इसके चलते मिलों से निकासी व विपणन गोदामों में भंडारण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। अप्रैल माह के लिए उचित दर विक्रेताओं को महज चावल, गेहूं और केरोसिन का अग्रिम पैसा रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट प्रक्रिया से जमा करना होगा। इससे जिले के करीब चार लाख परिवार प्रभावित होंगे।
शासन के नये निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने पूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दे दिए हैं। कहा गया है कि सभी सहकारी दुकानदार स्टाक बोर्ड पर चीनी की उपलब्धता शून्य दर्शाते हुए अन्य योजनाओें के अनाज भंडारण का ब्यौरा प्रदर्शित करें। जांच के दौरान ऐसा नहीं मिलने पर उन्हें अनियमितता का दोषी माना जाएगा। ऐसे में जिले में पात्र गृहस्थी के तीन लाख 25 हजार से अधिक कार्डधारकों को हर महीने नौ सौ ग्राम मिलने वाली 14 रुपये प्रतिकिलो चीनी अब अप्रैल माह से नहीं मिलेगी।
इसी तरह अंत्योदय (लाल कार्ड) की संख्या जिले में 62 हजार 989 के करीब हैं, जिन्हें 14 रुपये प्रति किलो की दर से हर महीने दो किलो चीनी मिलती रही थी। यह मात्रा यूनिट अथवा परिवार की संख्या के बजाय प्रति कार्ड है। इन्हें भी सस्ती चीनी नहीं मिलेगी। शासन के निर्देश पर जिला पूर्ति कार्यालय ने चीनी मिलों से निकासी व विपणन गोदामों में भंडारण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
जिले में कोटेदारों की संख्या 932 है। कार्ड पात्र गृहस्थी के तीन लाख 25 हजार और लाल कार्ड 62 हजार 989 हैं। इन कार्ड धारकों के बीच करीब 4,185 कुंतल चीनी का आवंटन होता रहा है। अप्रैल माह के लिए उचित दर के विक्रेताओं को महज चावल, गेहूं व केरोसिन का अग्रिम पैसा रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट प्रक्रिया से जमा करना होगा। सभी सहकारी दुकानदारों को स्टाक बोर्ड पर चीनी की उपलब्धता शून्य और अनाज भंडारण का ब्यौरा दर्शाने को कहा गया है।
- दीपक कुमार वार्ष्णेय, जिला पूर्ति अधिकारी फैजाबाद।