जिले में दस हजार से अधिक गन्ना किसान ऐसे हैं जो आए दिन गन्ना पर्ची के लिए चीनी मिल, सहकारी गन्ना विकास समिति और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। परिक्षेत्र की तीनों चीनी मिलें एक करोड़ 35 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना खरीद चुकी हैं। फिर भी जिले के किसानों को गन्ना पर्ची नहीं मिल रही है। चीनी मिलें अधिकतर गोंडा, बस्ती और संतकबीरनगर और सुल्तानपुर जिले के किसानों का गन्ना खरीद रही हैं।
शुजागंज क्षेत्र के हवलदार सिंह का पांच बीघा अगेती प्रजति कि पेड़ी गन्ना खेत में खड़ा है। उधरौरा निवासी किसान कप्तान सिंह का आठ बीघा, पस्ता माफी निवासी भुवाल सिंह का नौ बीघा, जोतबख्श सिंह के पास 10 बीघा, बरई निवासी शिव बहादुर सिंह व बादल सिंह, खैरी निवासी राम सुरत वर्मा, मानपुर निवासी चन्द्रिका प्रसाद वर्मा, उधरौरा निवासी कृपा शंकर सिंह, अमरनाथ सिंह, शिवशंकर सिंह आदि किसानों का सैकड़ो बीघा पेड़ी गन्ना खेतों में खड़ा है। किसानों का कहना है कि स्थानीय गन्ना किसानों के बजाए चीनी मिले गैर जिलों के किसानों से गन्ना खरीदने में अधिक दिलचस्पी दिखा रही है।
परिक्षेत्र की चीनी मिलों को गोंडा, बस्ती, संतकबीरनगर, सुल्तानपुर जिले के क्रय केंद्र भी आवंटित किए गए हैं। सभी किसानों को पक्षवार गन्ना पर्ची आवंटित किया गया है। जल्द ही सभी गन्ना किसानों को गन्ना पर्ची आपूर्ति कर दी जाएगी। - हेमराज सिंह, जिला गन्ना अधिकारी