शिक्षामित्र से शिक्षक पद पर समायोजित हुए अध्यापकों के शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन की गति काफी धीमी है। जिनकी नियुक्ति बीते साल एक अगस्त को हुई थी उनमें सभी का सत्यापन नहीं हो पाया है। जिले के विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों में दो चरण में तकरीबन दो हजार लोग शिक्षामित्र से शिक्षक पद पर समायोजित हुए लेकिन अभी प्रथम चरण में ही समायोजित हुए शिक्षकों में से सभी के शैक्षिक रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं हुआ है।
बगैर सत्यापन के वेतन भुगतान नहीं होगा और ऐसे हालत में शिक्षकों को आर्थिक दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में प्रथम चरण में 797 शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन हुआ। सूत्रों की मानें तो जिनकी डिग्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय बनारस की है, उन लोगों का अभी सत्यापन नहीं हुआ है।
शिक्षामित्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मपाल यादव ने बताया कि 797 में तकरीबन छह सौ लोगों के शैक्षिक रिकॉर्डों का सत्यापन हुआ है, बचे हुए लोग संस्कृत विश्वविद्यालय के हैं। जिन शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन हो चुका है, उन्हें शैक्षिक अभिलेख वापस किए जा रहे हैं।
मवई, अमानीगंज, तारुन में तैनात शिक्षकों को उनके अभिलेख दिए जा चुके हैं जबकि 20 जुलाई को सोहावल, मसौधा के शिक्षकों को दिया जाएगा। जिन अध्यापकों का सत्यापन हो गया, उन्हें जल्द वेतन भुगतान किया जाएगा। जबकि बचे लोगों को अभी इंतजार करना पड़ेगा।
दूसरे चरण में 1200 शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित किया गया। इन लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया अभी चल रही है। बीएसए पीके द्विवेदी ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि इसी माह के अंत तक पूरा हो जाएगा, उसके बाद ही शिक्षकों को वेतन भुगतान होगा।