अयोध्या। रामनगरी के पौराणिक सूर्यकुंड परिसर में भव्य मेले का आयोजन किया गया। परंपरागत रूप से बड़े रविवार पर दर्शननगर स्थित सूर्यकुंड पर लगने वाले मेले में आस्था का सैलाब उमड़ा। सुबह से शुरू हुआ स्नान-दर्शन व पूजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। मंदिर में भगवान सूर्यनारायण की भव्य झांकी सजाई गई। दर्शन के लिए लंबी कतार लगी रही।
भाद्रपद शुक्ल षष्ठी को सूर्य षष्ठी के रूप में मनाया जाता है। इस षष्ठी के बाद पड़ने वाले रविवार को बड़ा रविवार कहा जाता है। बड़े रविवार पर सूर्यकुंड पर परम्परागत रूप से मेले का आयोजन किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि बड़े रविवार के दिन सूर्यकुंड में स्नान करने के बाद भगवान सूर्य का दर्शन पूजन करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है व फल प्राप्त होते है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक महोत्सव में भगवान सूर्यनारायण का रथ 30 दिनों के लिए इसी सूर्यकुंड में रुका था। जिससे उनके तेज से पूरी रामनगरी दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठी थी।
24 करोड़ की लागत से हो रहा सुंदरीकरण
24 करोड़ की लागत से शासन ने सूर्यकुंड का सुंदरीकरण कराया है। रविवार को बड़ा मेले में आए श्रद्धालु सूर्यकुंड की भव्यता देख निहाल होते रहे। शाम को महाआरती में भक्तों का रेला उमड़ा तो लेजर शो देखने के लिए भी भक्तों की भीड़ जुटी रही। लाइट व साउंड शो के माध्यम से श्रद्धालुओं को रामायण से जुड़े दृश्यों को दिखाया जाता है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।