अयोध्या। फकीरे राम मंदिर को न तोड़ने और इसके लिए हुए बैनामे को अवैध घोषित करने की मांग को लेकर कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें मंदिर से जुड़ी अन्य जिलों की संपत्तियों पर रिसीवर नियुक्त करने की भी दरख्वास्त की गई है।
यह मुकदमा भगवान श्री ठाकुर सीता बल्लभ विराजमान जरिए वादमित्र संतोष दुबे व अविमुक्तेश्वरानंद ने बैनामा करता रघुवरदास व मंदिर फकीरे राम के ट्रस्टी राम किशोर सिंह, कृपा शंकर व राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ दायर किया है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन संजीव कुमार त्रिपाठी की अदालत ने इसे मूल वाद संख्या 302 सन 2021 के रूप में दर्ज करते हुए विरोधी पक्षकारों को 06 अगस्त के लिए नोटिस जारी किया है।
अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा व तरुण जीत वर्मा ने बताया कि 27 मार्च को रघुवर दास ने मंदिर फकीरे राम की जमीन का बैनामा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम कर दिया था।
यह मंदिर श्रीराम जन्मभूमि के उत्तर-पूरब में स्थित है। इस मंदिर की पौराणिकता यह है कि प्रभु राम वनवास जाने के पूर्व माता सीता के साथ सन्यासी की वेशभूषा में एक रात यहां टिके थे।
यदि इस मंदिर को नष्ट कर दिया गया तो इसकी पौराणिकता खत्म हो जाएगी। इस मंदिर को ध्वस्त करने से रोकने के लिए, रघुवर दास द्वारा किए गए बैनामे को अवैध घोषित करने के लिए और मंदिर फकीरे से जुड़ी जालौन उरई व अन्य जनपदों की संपत्तियों पर रिसीवर नियुक्त करने के लिए यह मुकदमा दायर किया गया है। कोर्ट ने इसमें 06अगस्त की तिथि नियत करते हुए पक्षकारों को नोटिस जारी किया है।