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मंदिर निर्माण के लिए 400 फीट गहराई तक हो रहा अध्ययन

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अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए नींव खोदाई का काम चल रहा है। इस काम में कम से कम 75 दिन लगेंगे। इंजीनियर नींव की फाइनल डिजाइन पर मंथन करने में जुटे हुए हैं।
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वहीं एनजीआरआई हैदराबाद के इंजीनियरों की टीम ने अपनी 100 पन्ने की रिपोर्ट भी ट्रस्ट को सौंप दी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही नींव खोदाई का काम किया जा रहा है।
दूसरी तरफ राममंदिर की सदियों तक मजबूती के लिए भी अब इंजीनियरों की टीम रामजन्मभूमि परिसर में सात स्थानों पर बोरिंग कर 400 फीट गहराई तक की मिट्टी का अध्ययन कर रही है।
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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बुधवार को कारसेवकपुरम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि राममंदिर की मजबूती के लिए लगातार अध्ययन जारी है।
अब एनजीआरआई की रिपोर्ट के आधार पर रामजन्मभूमि परिसर में सात स्थानों पर बोरिंग कर 400 फीट की गहराई तक मिट्टी का अध्ययन किया जा रहा है। यह शोध लंबे समय तक अडिग रहने वाले राममंदिर निर्माण के लिए हो रहा है।
बालू में नींव की मजबूत पकड़, भूकंप रोधी तकनीक के प्रयोग और भविष्य में सरयू नदी के बहाव की स्थिति को लेकर रिसर्च किया जा रहा है। एनजीआरआई मंदिर निर्माण के लिए समग्र चिंतन कर रही है।
उन्होंने कहा कि चूंकि राममंदिर निर्माण के लिए अभी नींव खोदाई का काम चल रहा है इसलिए नींव की फाइनल डिजाइन को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है।
डिजाइन की जरूरत तब पड़ेगी जब खोदाई का काम पूरा हो जाएगा। अभी मार्च तक खोदाई का काम चलने की उम्मीद है। इससे आठ-दस दिन पूर्व ही फाइनल डिजाइन आ जाएगी।
चंपत राय ने बताया कि फिलहाल श्रद्धालु रामजन्मभूमि परिसर में हो रहे निर्माण कार्य को नहीं देख पाएंगे। हम सोचते थे कि निर्माण कार्य को श्रद्धालु कहीं से देख सकें। इसको लेकर इंजीनियरों से चर्चा भी की गई तो इंजीनियर इसके लिए तैयार नहीं हुए।
जब निर्माण कार्य शुरू होगा तब अनेकों बड़ी-बड़ी मशीनें आएंगी, उनसे कार्य होगा। ऐसे में निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए, सुरक्षा की दृष्टि से भी यह संभव नहीं दिखता। यदि कुछ परिस्थिति बनी तो श्रद्धालुओं को निर्माण कार्य देखने की व्यवस्था की जा सकती है।
रामलला की दर्शन अवधि में भी वृद्धि की संभावना से फिलहाल चंपत राय ने इंकार किया। रामनगरी के अन्य मंदिरों की तरह ही रामलला के दर्शन का समय भी बढ़ाने की मांग पर चंपत राय ने कहा कि अभी यह संभव नहीं दिखता।
हमने शाम की आरती में भक्तों के शामिल होने की व्यवस्था कर दी है। अभी जो श्रद्धालु आ रहे हैं उन्हें ही नियंत्रित करने में प्रशासन को दिक्कत होती है। इसलिए सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए रामलला की दर्शन अवधि में अभी बढ़ोतरी का विचार फिलहाल नहीं किया जा रहा है।
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