अयोध्या। अमर उजाला वेबिनार में बुधवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने विद्यार्थियों के सवालों और शंकाओं का समाधान किया। स्पष्ट आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों का शैक्षणिक कैरियर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही रुके हुए परिणाम घोषित होंगे। प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करके कोविड-19 के खतरे से बचते हुए आनलाइन और ई-एजुकेशन के जरिए शिक्षित करने का कार्य शुरू होगा। विद्यार्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, विश्वविद्यालय उनके हित में सभी निर्णय लेते हुए समय से सत्र का संचालन सुनिश्चित करेगा।
सवाल-अगर हमारी परीक्षा नहीं होती हैं तो भविष्य में क्या होगा।
-वर्तिका पांडेय, अंबेडकरनगर
कुलपति- दो विकल्पों पर चर्चा चल रही है। हमने अपना एक विकल्प दिया था। छात्रों के जो उपलब्ध मार्क हैं, उसके आधार पर उनको प्रोन्नत दे दिया जाए। दूसरा ये कि यूजीसी में सितंबर माह तक परीक्षाएं कराने की बात कही है। दोनों मामले राज्य सरकार के पाले मे हैं, इस पर राज्य सरकार जो फैसला लेगी, वो लागू होगा।
सवाल-यूजी सी ने फाइनल वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा कराई जाने की बात कही है जबकि कालेज से घर बहुत दूर है, ऐसे में अगर परीक्षाएं कराई जाएं तो सबकी कराई जाएं।
- चंद प्रकाश, बहराइच
कुलपति-परीक्षा की संभावनाएं अभी बिल्कुल नहीं है। यूपी में हर दिन में 1500 से अधिक मरीज आ रहे हैं ऐसे में अगर यूजीसी के निर्देश पर परीक्षाएं कराईं भी जाती हैं तो सितंबर माह में ही हो पाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की कोशिश है कि बिना परीक्षा कराए ही विद्यार्थियों को प्रोन्नत कर दिया जाए लेकिन इस पर फैसला राज्य सरकार को लेना है।
सवाल-छात्रों में भ्रांतियां चल रही हैं कि परीक्षाएं होंगी या नहीं। छात्रों के प्रोन्नत का आधार क्या होगा। एलएलबी में जिन परीक्षार्थियों को प्रोन्नत किया गया है उस पर सिर्फ पास लिखा है जबकि वकालत के लिए 45 प्रतिशत होना जरूरी है।
- अंकुर सिंह, अयोध्या
-कुलपति-प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को औसत मार्किंग देने में दिक्कतें आएंगी क्यों कि इनके पास पूर्व की परीक्षा के अंक नहीं है। इसके लिए अगले सेमेस्टर में एक विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी या फिर सेंकेंड ईअर के अंकों के आधार पर प्रथम वर्ष के अंक भी दे दिए जाएंगें।
सवाल-इस वर्ष सत्र दो महीने लेट हुआ, हमारे पास संसाधन कम है इसलिए आनलाइन पढ़ाई संभव नहीं ऐसे में क्या पाठ्यक्रमों में कोई बदलाव किया जाएगा।
- अभिजीत त्रिपाठी, अमेठी
कुलपति-अवध विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम पहले की बहुत छोटा इसमें कोर्स कम करने की संभावनाएं न के बराबर हैं। ये अवश्य है कि कुछ नए विकल्पों व संसाधनों का प्रयोग कर पाठ्यक्रम को पूरा कराया जाए।
सवाल-आनलाइन क्लास स्टार्ट हो रही है, बहुत से लोग गांव से जुड़े हैं, नेटवर्क की दिक्कत होती है। ऐसे में आनलाइन पढ़ाई तो जारी रहेगी, लेकिन नेटवर्क न होने से हमारा कोर्स पीछे हो जाएगा।
- सूफियान खान, बहराइच
कुलपति-हम केवल आनलाइन क्लासेज पर निर्भर नही हैं, बल्कि ईं कंटेंट की तैयारियां कर रहे हैं। हमने अध्यापकों से कहा है कि ई-कंटेट हाईब्रिड मोड में तैयार करिए। वाट़सएप के माध्यम से भी पढ़ाई के लिए कंटेट छात्रों को भेजे जाने की तैयारी है। साथ ही छोटे ग्रुप बनाकर विश्वविद्यालय में बच्चों को पढ़ाया जाएगा। उनकी शंकाओं का समाधान करेगें। एक सप्ताह बाद फिर दूसरे बैच को बुलाया जाएगा।
सवाल-कई कालेजों में आनलाइन क्लास स्टार्ट हो रही है। हमारे एक्जाम हो गए हैं, रिजल्ट नहीं आया है। बैचलर आफ आर्ट की आनलाइन क्लासेज स्टार्ट होंगी कि अभी नहीं।
- पूर्णिमा वर्मा, बाराबंकी
कुलपति-इस कोर्स के लिए ईं-कंटेट डिलेवरी की व्यवस्था करेेंगें। बेबसाइड पर भी जितना कंटेट होगा वह अपलोड मिलेगा उसको भी आप एक्सेस कर सकते हैं। इस वर्ष संघर्ष है, इस बात के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार रहिए। इसके सापेक्ष ही हमें तैयारिंयां करनी होंगी।
सवाल-योगा डिपार्टमेंट की छात्रा हूं 2018 बैच के, अभी तक हमारे कोर्स पूरे नहीं हुए हैं, जबकि दो वर्ष का ही कोर्स है। परीक्षा संपन्न होने के बाद भी अभी परिणाम घोषित नहीं हुआ है।
- अंजू गुप्ता, अयोध्या
कुलपति-योगा कि जो परीक्षाएं हो गयी हैं, उनका रिजल्ट शीघ्र निकल जाएगा। हम कोशिश करेंगें कि बच्चों को अतिरक्ति घंटे देते हुए कोर्सेज को जल्दी से जल्दी पूरा करके सत्र को समय से समाप्त करें। बहुत जल्द ही सभी बच्चों को आईडी भी मिल जाएगी।
सवाल-फाइन आर्ट प्रेक्टिकल सब्जेक्ट हैं, इसकी आनलाइन पढ़ाई कैसे संभव है।
- दिव्या, अयोध्या
कुलपति-विश्वविद्यालय तैयारी कर रहा है। जुलाई माह के बाद निर्णय लिया जाएगा। चूंकि सेक्शन छोटा है, इसलिए कक्षाएं भी चल सकती हैं। इसके अलावा कंप्यूटर एनीमेशन सहित अन्य विकल्पों पर भी मंथन किया जा रहा है।
सवाल-प्रयोगात्मक परीक्षा जो छूट गई है कब तक होगी, रिजल्ट कब आएंगे व शेष परीक्षाओं का मूल्यांकन किस आधार पर होगा।
- जान्हवी व श्रद्धा सिंह, अयोध्या
कुलपति-जैसा कि उपरोक्त छात्रों को बताया जा चुका है कि जो परीक्षाएं अब तक संपन्न हुई हैं उन्हीं के आधार पर शेष प्रश्नपत्रों के अंक दिए जाएंगें। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए सभी महाविद्यालयों को पहले ही निर्देशित किया चुका है।
सवाल-छूटे प्रेक्टिकल कैसे होगें, नया सत्र कब से शुरू होगा।
- सुमित्रा मिश्रा, गोंडा
कुलपति-प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए पहले ही महाविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि असाईनमेंट व मौखिक आनलाइन परीक्षाएं संपन्न कराकर अंक विश्वविद्यालय को भेज दिए जाएं, जिससे परीक्षा परिणाम जारी हो सके।
प्रश्नोत्तर के दौरान कुलपति मनोज दीक्षित से सवाल पूछने को लेकर सोशल मीडिया पर सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं सक्रिय दिखीं। गोंडा की आशा त्रिपाठी, सुल्तानपुर के सौरभ सिंह, अवनीश कुमार सिंह, बहराईच के अभिषेक उपाध्याय, बाराबंकी के निखिल मिश्रा, अंबेडकरनगर के रूद्रप्रताप सिंह, अयोध्या के अनुराग श्रीवास्तव, मृदुल, केशवेंद्र, प्रीती, अनामिका, अंकिता त्रिपाठी, तनु सिंह, निशांत श्रीवास्तव, पलक सिंह, अमेठी से ज्योति द्विवेदी आदि वेबिनार में शामिल होकर अपने-अपने सवाल रखे जबकि वाट्सएप ग्रुप के जरिए साकेत महाविद्यालय के सूर्यपाणि त्रिपाठी, सीता देवी बाराबंकी, शिवकुमारी वर्मा, बीसीए फोर सेमेस्टर के आशुतोष मोदनवाल, रानोपाली अयोध्या की पूनम, गोंडा से नीतीश सिंह, एमएससी माईकोबायोलाजी के विशाल सिंह,अंकुर, देवरिया जिले के विशाल कुमार गुप्ता, अयोध्या से राहुल यादव, आदित्य सिंह, अमन सिंह, अभिषेक तिवारी, एमएड के जितेंद्र पांडेय के साथ दर्जनों छात्रों समेत सैकड़ों की तादात में सवाल पूछ रहे थे। फेसबुक पर भी 151 लोगों ने कमेंट किए और सवाल पूछे। सबका सवाल परीक्षा परिणाम, प्रवेश, शैक्षिक सत्र से लेकर कोरोना के खतरे को लेकर था।
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ अमर उजाला के वेबिनार के दौरान 5500 लोगों ने लाइव देखा। यह संख्या देर शाम होते-होते दोगुनी पहुंच गयी। छात्रों में इस बात को लेकर उत्साह है कि कुलपति ने उनकी हर सवालों और समस्याओं का समाधान किया। कोरोना से बचते हुए आगे की पढ़ाई का परिदृश्य साफ कर दिया। फेसबुक लाइव को देखकर अवध विश्वविद्यालय कैंपस के 180 कोर्सों के साथ 670 संबद्ध कालेजों के विद्यार्थियों समेत शिक्षक प्राचार्य, अभिभावक भी भविष्य की योजनाओं से परिचित हुए।