रविवार देर रात अचानक आई आंधी-पानी से जिलेभर में काफी नुकसान हुआ है। शहर से गांव तक सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। कई मार्गों पर यातायात घंटों ठप रहा। बिजली व संचार व्यवस्था ध्वस्त हो गई। दुकानों के शेड समेत गांवों में तमाम लोगों के छप्पर-मंडई आदि उड़ गए।
शहर में बिजली सेवा बहाल करने में आठ-नौ घंटे लगे, लेकिन ट्रिपिंग 24 घंटे तक जारी रही। देहातों में सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। पावर कॉर्पोरेशन की टीमें पोल व टूटे तारों को दुरुस्त करने में लगी हैं। तूफानी हवा से फसलों को क्षति हुई है।
खेत-खलिहान में पड़े करीब 50 फीसदी गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में कटे गेहूं के बोझ और खलिहानों में भूसा उड़ गया। उमस भरी गर्मी के बीच अचानक रविवार रात करीब 11:30 बजे धूल भरी तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हुई।
आंधी के थपेड़ों के कहर से बिजली के तार आपस में जैसे ही टकराए, शहर से लेकर गांव तक की बिजली गुल हो गई। करीब 40 मिनट तक कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश के बीच आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। शहर के कोशलपुरी कॉलोनी मेें बिजली तार पर पेड़ गिर गया।
इसे दुरुस्त करने में 13 घंटे लगे। अमानीगंज में हाईटेंशन लाइन का लोहे का पोल टेढ़ा हो गया। रिकाबगंज, चौक, फतेहगंज, रोडवेज, अयोध्या आदि स्थानों पर कई दुकानदारों के शेड व बोर्ड उड़ गए। डीएम आवास मार्ग पर बड़ा पेड़ धराशाई हो गया, बाद में इसे हटाकर यातायात शुरू हुआ।
कचहरी के पास अधिकारी आवासों के सामने पेड़ उखड़ गया। कैंटोमेंट एरिया में पोल पर पेड़ गिरने से बिजली गुल हो गई। कलेक्ट्रेट परिसर व एसएसपी आवास के सामने कई पेड़ उखड़ गए। देवकाली रोड पर भी पेड़ गिरा है, अयोध्या में भी कई जगह पेड़ उखड़ गए।
देहातों में बीकापुर-इनायतनगर मार्ग पर भागीपुर के पास पोल धराशाई होने से कई गांवों की बिजली सोमवार को भी बहाल नहीं हो पाई। रखौना से बेरुगंज मार्ग पर 12 पेड़ उखड़ गए। सोमवार को भी यातायात बहाल नहीं हो पाया। हैदरगंज-कूड़ेभार मार्ग पर भी पेड़ गिरने से यातायात ठप रहा।
शुजागंज में कई घरों के छप्पर उड़ गए। 50 फीसदी खेत-खलिहान में पड़ी गेहूं की फसल को भारी क्षति पहुंची है। लउवाकुआं मार्ग पर मोईया के पास पेड़ गिर गया। रामपुरभगन में दुकानों के टिन शेड़ उड़ गए। गेहूं की फसल को काफी क्षति पहुंची है।
इसी तरह सोहावल, बीकापुर, मिल्कीपुर, रुदौली, गोसाईगंज, कुमारगंज, पटरंगा, भेलसर आदि इलाकों में आंधी से तबाही हुई। जगह-जगह संचार सेवाएं भी बाधित रहीं। उधर, गेहूं क्रय केंद्रों पर भी आंधी व बारिश से बचाव के इंतजाम न होने से दिक्कतें हुई।
रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार आंधी से मीरापुर, कोपाकाप, महुलारा, बाबा बाजार, जमुनियामउ, रानीमउ, सरायअहमद सहित कई गांवों में सड़क के किनारे लगे पेड़ की शाखाएं टूट कर मुख्य मार्ग पर गिर गईं और रास्ता बाधित हो गया। ग्रामीणों ने सुबह पेड़ हटाकर रास्ता खोला।
आंधी आने के तुरंत बाद रुदौली देहात, विद्युत उपकेंद्र रुदौली, रुदौली तहसील, बाबाबाजार, पटरंगा में सोहावल से आने वाली तीन उपकेंद्रों की मुख्य लाइन बंद हो गई। खेत में खड़ी गेहूं की फसलों का भारी नुकसान हुआ।
शहर के पूरे मलिक के मेड़ीलाल की गृहस्थी तेज आंधी के चलते नष्ट हो गई। पावर कॉर्पोरेशन के जेई अरुण कुमार ने बताया कि 33 हजार व 11 हजार की लाइनों पर कई जगह पेड़ टूटकर तारों पर लटक गए थे इस वजह से विद्युत सप्लाई बंद हो गई थी।