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मंदिर निर्माण के नए फार्मूले पर कदमताल तेज

Sun, 03 Sep 2017 10:41 PM IST
फैजाबाद
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दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास से वार्ता करते शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी। - फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि व बाबरी मस्जिद विवाद के समाधान के लिए बकरीद के मुकद्दस दिन पेश किए गए नए फार्मूले पर रविवार को प्रमुख पक्षकारों ने भी कदमताल किया। शिया सेंट्रल वक्फ  बोर्ड उत्तर-प्रदेश के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने मुसलमानों की ओर से इस फार्मूले को लेकर प्रमुख पक्षकार निर्मोही अखाड़ा के महंत भाष्कर दास व निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत धर्मदास से घंटों बात की।
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दोनों पक्षकारों ने प्रस्ताव का समर्थन व स्वागत किया है। प्रस्ताव में दो टूक कहा गया है कि गर्भगृह पर भव्य रामलला का मंदिर बने, जबकि मुस्लिम बहुल इलाके में मस्जिद ए अमन का निर्माण हो। आरएसएस ने भी नए समाधान के फार्मूले से सहमति जताई है। 

सुलह-समझौते का नया फार्मूला शनिवार को शिया सेंट्रल वक्फ  बोर्ड लेकर सामने आया है। उसके साथ आरएसएस भी खुलकर शामिल है। बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने यहां कई संत-धर्माचार्य से मुलाकात की। इस फार्मूले का नाम है ‘हक से आओ मंदिर बनाओ, अमन भाईचारा फैलाओ’।
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इसके तहत गर्भगृह पर श्रीराम का भव्य मंदिर बनाया जाएगा और मस्जिद वहां से दूर मुस्लिम बहुल इलाके में बनेगी, जिसका नाम बाबरी मस्जिद न होकर मस्जिद ए अमन होगा। साफ किया गया है कि किसी आक्रमणकारी के नाम पर मस्जिद का नाम नहीं रखा जा सकता। रिजवी शनिवार व रविवार को अयोध्या-फैजाबाद में विवाद से जुड़े हिंदू पक्षकारों के यहां जाकर सहमति बनाने की कोशिश में जुटे रहे।

सबसे पहले उन्होंने शनिवार को राममंदिर आंदोलन के अगुवा रहे स्वर्गीय रामचंद्र परमहंस के उत्तराधिकारी महंत सुरेश दास से दिगंबर अखाड़ा में मुलाकात की। इस दौरान आरएसएस के प्रचारक और राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक महिराध्वज उनके साथ रहे। सभी ने सुलह समझौते के नए फार्मूले पर सहमति सहमति जताई। 

श्री राजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास से मिलने गए, उनके मौजूद न रहने से उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास से बातचीत कर सहमति हासिल की। रविवार को सुबह निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत व सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुकदमे के पक्षकार महंत धर्मदास से मिले। फिर प्रमुख पक्षकार निर्मोही अखाड़ा के महंत भास्कर दास से नाका हनुमानगढ़ी मंदिर जाकर मुलाकात की। 
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