भोर से ही प्रमुख शिव मंदिरों के साथ ही अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए शिव भक्तों की भीड़ जुटी रही। शिवभक्ति के रस में डूबे कांवरियों की टोलियों का उल्लास सड़कों पर सुबह से देर शाम तक दिखता रहा।
भारी भीड़ से श्रीराम अस्पताल से नयाघाट बंधा तिराहे के बीच बैरियर लगा चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहा। सावन मास आरंभ होते ही कांवरियों की टोलियां शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए जुटने लगी थी।
दूसरे सोमवार को सरयू नदी का तट केसरिया रंग में रंगा दिखा। भोर से ही कांवरियों की टोलियां व अन्य शिव भक्तों का रेला सरयू में स्नान-दान के बाद प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक के लिए जुटने लगी।
श्रद्धालुओं की भीड़ प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि सहित अन्य मंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लिए उमड़ी। मंदिरों में देर रात तक दर्शन-पूजन के लिए दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं।
नगरी में कांवरियों की भारी भीड़ टोलियों की शक्ल में विभिन्न क्षेत्रों से जुट रही है। भोर से देर रात तक सजे चार पहिया वाहनों पर शिव भक्ति संगीत के बीच नाचते-गाते कांवरियों की टोलियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
पड़ोसी जिलों गोंडा, बस्ती, बहराइच, गोरखपुर, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बाराबंकी आदि स्थानों से कांवरियों की टोलियां नगरी में प्रमुख शिवालयों व सिद्धस्थानों पर जलाभिषेक के लिए सरयू जल लेने पहुंच रही हैं।
कांवरियों की बढ़ती भीड़ से नगरी में मेले जैसा माहौल है। कांवरियां भक्तों की भारी भीड़ नगरी के चौक-चौराहों पर हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारों को बुलंद करते दिख रही है।