हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आदेश की अवमानना के मामले 24 मार्च को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है। आदेश एसएसपी को प्राप्त हो गया है।
अधिवक्ता ओंकारनाथ तिवारी ने बताया कि इनायतनगर थाना क्षेत्र के मलेथू बुजुर्ग निवासी रामेंद्र देव मणि त्रिपाठी ने छह अप्रैल 2015 को एफआईआर दर्ज कराई थी कि कोतवाली नगर के सिविल लाइंस निवासी पूजा सिंह पुत्री विमलेंद्रमोहन सिंह ने नौकरी का झांसा देकर सात लाख 20 हजार रुपये ले लिए।
फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया लेकिन नौकरी आज तक नहीं मिली। पूजा सिंह को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र प्रथम ने 18 मई 2016 को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। शर्त थी कि एक जून 2016 से 45 दिन के अंदर वह चेक द्वारा लिया गया भुगतान दो लाख 25 हजार रुपये वादी को भुगतान कर देगी और आदेश के अनुपालन की सूचना 17 जुलाई 2016 तक एसएसपी को देगी।
एसएसपी कोर्ट का अनुपालन न करने की दशा में पूजा सिंह को गिरफ्तार करके मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट की अभिरक्षा में देंगे। पूजा सिंह ने हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया। इस पर रामेंद्र देव ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की। उस पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव ने 24 मार्च को एसएसपी को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।