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जल संरक्षण के लिए हर गांव के हैंडपंप के पास बनेंगे सोक पिट

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मवई। जल संरक्षण और भूगर्भ जल स्तर ऊपर उठाने के लिए सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। अब प्रत्येक गांव के 25 इंडिया मार्का हैंडपंप से निकलने वाले पानी के वेस्टेज को रोकने के लिए इन नलों के पास सोक पिट बनवाया जाएगा।
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वहीं ग्राम पंचायत के प्रत्येक मजरे में गीला और सूखा कचरा निपटान के लिए भी पक्का डस्टबिन रखा जाएगा, जिसमें गांव के लोग अपने घरों का कचरा फेंकेंगे। इसकी तैयारी मवई ब्लाक में शुरू हो चुकी है।
मवई ब्लॉक के 55 ग्राम पंचायतों के हर मजरे में कूड़ा-कचरे के निपटान के लिए पक्के डस्टबिन बनाए जाएंगे, जिसमें ग्रामीण अपने घरों का कचरा वहां फेंक सकेंगे, जिसे गांव में तैनात टीम समय समय पर खाली कर देगी।
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इस डस्टबिन में दो अलग-अलग भाग बनाए जाएंगे, जिसमें एक में गीला कचरा और दूसरे में सूखा कचरा फेंका जा सकेगा। इससे गांव में इधर उधर लगने वाले कूड़े के ढेर से निजात मिल सकेगी।
वहीं, जल संरक्षण के उद्देश्य से हर ग्राम पंचायत के 25-25 इंडिया मार्का टू हैंडपंप के पास वेस्टेज होने वाले जल को भूगर्भ तक पहुंचाने के लिए सोक पिट का निर्माण भी कराने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
बीडीओ मवई डॉ घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही जल संरक्षण के ये इंतजाम किए जाएंगे। तकनीकी सहायक आशीष तिवारी ने बताया कि सोक पिट एक सामान्य गड्ढा होता है जो 0.10 मीटर के क्रॉस सेक्शनल माप का होता है और जो प्रवेश पाइप के उल्टे लेवल के नीचे 1 मीटर की गहराई में होता है।
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सोक पिट एक ऐसा गड्ढा है जिसके माध्यम से गंदे पानी को आस पास की मिट्टी में रिसने या घुलने दिया जाता है। गंदा पानी सोक पिट में निपटाया जा सकता है।
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