अयोध्या। थाना इनायतनगर के हल्ले द्वारिकापुर के प्रधान देवशरण यादव की हत्या की घटना के तीन दिन बाद भी गांव में तनाव बना हुआ है।
शव के अंतिम संस्कार को लेकर मृतक प्रधान समर्थकों के आक्रोश के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। मंगलवार देर रात विवादित सरकारी भूमि पर रास्ता बनवाने के बाद ही बुधवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया।
प्रधान समर्थकों के भय से आरोपियों के परिवारीजन गांव से पलायन कर चुके हैं। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में है, जबकि आगजनी आदि की घटनाओं को लेकर अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।
ज्ञात हो कि रास्ते के विवाद में सोमवार शाम सात बजे बारुन मोड़ पर हल्ले द्वारिकापुर के प्रधान देवशरण यादव की गांव के ही लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मृतक प्रधान के अंतिम संस्कार को लेकर मंगलवार देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही। प्रधान समर्थक विवादित सरकारी भूमि पर प्रधान की इच्छा के अनुरूप रास्ता बनवाने व उसी जमीन पर प्रधान का अंतिम संस्कार करने की मांग पर अड़े थे।
भारी संख्या में जुटे प्रधान समर्थकों के आक्रोश को देखते हुए अंतत: प्रशासन को झुकना पड़ा और एसडीएम मिल्कीपुर की मौजूदगी में जेसीबी द्वारा रास्ता बनवाने के बाद लोग शांत हुए। इसके बाद गांव के श्मशान स्थल पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक के दामाद दीपक यादव की तहरीर पर गांव के ही अमरदीप, रमेश, ईश्वरदत्त, महेश दत्त, रमाकांत, रवि मिश्र व गगन मिश्र के ऊपर हत्या का केस दर्ज किया था।
घटना में दो अन्य भी गोली लगने से घायल हुए थे, उनका लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। पुलिस ने सोमवार रात ही दो आरोपी ईश्वरदत्त व गगन को गिरफ्तार कर लिया था।
जबकि अन्य की तलाश की जा रही थी। वहीं, प्रधान की हत्या के बाद प्रधान समर्थकों ने पुलिस की मौजूदगी में बवाल मचाते हुए छह आरोपियों के घरों को आग के हवाले कर दिया था।
थाना प्रभारी का कहना है कि आगजनी की घटना हुई है, मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर केस दर्जकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।