दीपोत्सव में रामनगरी के 44 मठ-मंदिरों को भी रोशन किया जाएगा। इसके अलावा 48 विद्यालयों में दीपोत्सव का आयोजन होगा। राम की पैड़ी के अलावा मठ-मंदिर व स्कूलों में 3.54 लाख दीप जलाए जाएंगे। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया दीपोत्सव में धार्मिक स्थलों, मठ-मंदिरों पर, नगर के विद्यालयों में दीपोत्सव का आयोजन 23 अक्तूबर को किया जाना प्रस्तावित है।
दीपोत्सव हेतु सामग्री पर्यटन विभाग द्वारा धार्मिक स्थलों पर 21 अक्तूबर को उपलब्ध करा दी जाएगी। विद्यालयों के दीपोत्सव हेतु सामग्री राजकीय इंटर कालेज अयोध्या में 20 अक्तूबर को उपलब्ध करा दी जाएगी, जिसका वितरण किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि दीपोत्सव में प्रमुख धार्मिक स्थलों पर 3.06 लाख दीप प्रज्जवलित किए जाएंगे। जिसमें श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में 1.25 लाख दीप जलेंगे। इसी तरह कनक भवन में 10 हजार, हनुमानगढ़ी व सुग्रीव किला/ पर्वत में पांच-पांच हजार, मणि पर्वत पर दो हजार, रामबल्लभाकुंज व बड़ा जानकी घाट में छह-छह हजार, बड़ाभक्त माल व मणिराम छावनी में आठ-आठ हजार, राजसदन व लक्ष्मण किला में पांच-पांच हजार दीप जलेंगे।
अशर्फी भवन में चार हजार, दशरथ महल बड़ी जगह व श्रीराम मंत्रार्थ मंडपम में आठ-आठ हजार, भरतकुंड में 25 हजार, दिगंबर अखाड़ा में तीन हजार, राजा दशरथ की समाधि स्थल में 10 हजार, गिरिजाकुंड में दो हजार, राम कचहरी में तीन हजार, गुप्तारघाट में 20 हजार दीप रोशन होंगे। मुंडा शिवाला नयाघाट, करतलिया बाबा मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर टेढ़ीबाजार, पत्थर मंदिर, चित्रगुप्त, हनुमान गुफा मंदिर, छोटी देवकाली मंदिर में दो-दो हजार दीप जलेंगे।
इसी तरह श्री सांई मंदिर, रंग महल, राजा राज रत्न सिंहासन मंदिर, शिव मंदिर रामघाट, जालपा मंदिर, कलिकुंज मंदिर में दो-दो हजार दीप जलेंगे। लक्ष्मण किला में पांच हजार, अष्टभुजा माता मंदिर में पांच हजार व बड़ी देवकाली मंदिर में चार हजार दीप जलाए जाएंगे। गुरुद्वारा नजरबाग में भी पांच हजार दीप रोशन होंगे। शहर के 48 विद्यालयों में 48 हजार दीप प्रज्जवलित किये जायेंगे। धार्मिक स्थलों व विद्यालयों को मिलाकर कुल 3.54 लाख दीप प्रज्जवलित किए जाएंगे।