बैठक कर घटना में पुलिस की कार्रवाई पर आक्रोश जताते हुए निंदा की। निर्णय लिया गया कि यदि पुलिस व प्रशासन दो दिनों में आगजनी के घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो बैठक कर अगली रणनीति तय कर कार्रवाई करने को बाध्य होंगे।
बंदी को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा सख्त रही। पुलिस व पीएसी के साथ अफसर हालात पर नजर रखे रहे। रविवार को सुबह से ही चौक, सब्जीमंडी, सुभाषनगर समेत आदि क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों ने दुकानें बंद रखी।
समूहों में निकले युवा बाजार बंद कराते रहे। दोपहर में धार्मिक स्थल परिसर में हुई बैठक में 17/18 अगस्त की रात आगजनी की घटना का पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक खुलासा न करने व आरोपियों की गिरफ्तारी न करने की निंदा कर आक्रोश जताया गया।
लोगों ने कहा कि पुलिस प्रशासन घटना का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी के बजाए शांतिपूर्ण बंद के आयोजन को प्रभावित कर डराने का काम कर रही है।
बगैर किसी सूचना के धारा 144 लागू कर दी। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि दो दिन में घटना का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो अगली बैठक कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बैठक में समुदाय विशेष के तमाम लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।