जिले में प्रथम एवं द्वितीय चरण के शिक्षामित्रों का अध्यापक पद पर समायोजन हो चुका है। जबकि तीसरे चरण के सिर्फ 69 शिक्षामित्रों का समायोजन होना बाकी है।
कोर्ट की ओर से समायोजन पर रोक लगाने के बाद ये सभी प्रभावित हुए है। लेकिन जिन शिक्षामित्रों का समायोजन हो चुका है, उनमें भी कम घबराहट नहीं है।
जिले में अभी तक 1992 शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन हो चुका है। दो चरणों में हुए समायोजन में प्रथम चरण में 797 एवं द्वितीय चरण में 1195 शिक्षामित्रों को शिक्षक बना दिया गया।
प्रथम चरण में नियुक्त हुए शिक्षक एक अगस्त 2014 से स्कूलों में पढ़ा रहे है। इन लोगों को 11 माह का वेतन भी मिल चुका है। दूसरे चरण के 1195 शिक्षक एक मई 2015 से स्कूलों में पढ़ा रहे है।
लेकिन इन्हें अभी वेतन नहीं मिला है। इन शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कार्य चल रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू होंगी। तीसरे चरण में सिर्फ 69 शिक्षामित्रों को अक्तूबर 2015 तक शिक्षक पद पर समायोजित करना था।
लेकिन अब इनके शिक्षक बनने की आस पर फिलहाल विराम लग गया है। शिक्षामित्रों के शिक्षक पद पर समायोजन पर कोर्ट के आए निर्णय के बाद शिक्षकों में हलचल तेज हो गई है।
शिक्षामित्रों के विभिन्न संगठनों ने बैठक कर उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार गंभीरता से अपना पक्ष रखेगी। अनूप द्विवेदी, धर्मपाल यादव और अजीत यादव आदि नेताओं ने बैठक कर प्रदेश सरकार के ऊपर भरोसा जताते हुए कहा कि वह पहले की तरह अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।