अयोध्या। अयोध्या विवाद मामले में शीतला सिंह के पांडित्य का देश ही नहीं, दुनिया में लोहा माना जाता था। वह हर परिस्थिति में सच बोलते थे। खरी और सीधी बात करना उनकी बड़ी खूबी थी। साम्प्रदायिकता और कट्टरता के खिलाफ रहने व इतिहास के साथ खड़े होने का साहस शीतला सिंह में कूट-कूट कर भरा था। यह बातें शहर के एक सभागार में बृहस्पतिवार को श्रद्धांजलि सभा में केरल, मुंबई, लखनऊ व दिल्ली के अलावा प्रदेश के कई जिलों से पहुंचे लोगों ने कहीं।
अविवि की कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने कहा कि शीतला सिंह के जाने से पत्रकारिता जगत में बहुत बड़ी रिक्तता आ गयी है। पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री ने कहा कि कम्युनिस्ट विचार धारा होने के बावजूद शीतला सिंह सर्वमान्य थे। सभा की अध्यक्षता अतुल सिंह व संचालन डॉ. सुमन गुप्ता व एसएन सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
केरल से आए व्यंकटेश रामकृष्णन, यूपी प्रेस क्लब लखनऊ के अध्यक्ष रवींद्र सिंह, महंत मैथिलीरमण शरण, रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक सत्येंद्र दास, साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अभय सिंह, मुम्बई से आए सुरेश मिश्र, पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय, बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह, प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेश पाठक, जिपं अध्यक्ष प्रतिनिधि रोहित सिंह, सहकारी बैंक के चेयरमैन धर्मेंद्र प्रताप सिंह टिल्लू सहित कई लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। संवाद