यह कार्रवाई जिलाधिकारी से 19 जून को की गई समीक्षा के आधार पर हुई है। त्रिस्तरीय पंचायत की मतदाता सूची का प्रगाढ़ पुनरीक्षण पिछले एक जून से किया जा रहा है।
लेकिन 19 जून तक दो तहसीलों की हालत सबसे पस्त पाई गई थी। बताया गया कि बैठक में पर्यवेक्षक अपनी जिम्मेदारी के बारे में भी नहीं जानते थे। कई बीएलओ ने कार्रवाई तक नहीं शुरू की थी। डीएम की समीक्षा में यह बात सामने आई। इसके बाद कार्रवाई का दौर शुरू हो गया।
बताया गया कि योगदान ने देने वाले बीएलओ और पर्यवेक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अफसरों को निर्देश दिया गया लेकिन शिथिल पर्यवेक्षक की कार्रवाई सदर और सोहावल के एसडीएम, तहसीलदारों के साथ इन दोनों तहसीलों में आने वाले बीडीओ को झेलनी पड़ी। इसकी नोटिस बाद में जारी की गई। एडीएम प्रशासन डॉ. चतुर्भजी गुप्त ने इसकी पुष्टि की है।