अयोध्या। राज्य ललित कला अकादमी उप्र संस्कृति विभाग द्वारा कला रंग कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित पांच दिवसीय नि:शुल्क मूर्तिकला कार्यशाला में कलाकारों द्वारा प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र से जुड़ी कथाओं को मूर्तिरूप प्रदान किया जा रहा हैं। सागर कला भवन में आयोजित इस कार्यशाला में न्यूनतम 6 इंच से लेकर अधिकतम 11 फिट तक की मूर्तियां बनाई गई हैं।
कार्यशाला के चौथे दिन शनिवार को बाल रूप में राम, रामेश्वर में श्री राम द्वारा शिव पूजा, मां सीता की अग्नि परीक्षा, श्रीराम के चरण धोते हुए निषादराज, शिव लिंग, सिद्ध विनायक, राम-हनुमान मिलाप, राम दरबार, चरण पादुका, राम भरत मिलाप, हनुमानए अवतरण, श्रीराम रुद्र हनुमान आदि विविध भव्य मूर्तियों का सृजन किया गया है। यहां प्रसिद्ध मूर्तिकार प्रवीण कुमार द्वारा कलाकारों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
कार्यशाला संयोजक शिव बक्श सागर प्रजापति ने बताया कि अयोध्या में सर्वप्रथम राष्ट्रीय स्तर पर मूर्तिकला कार्यशाला के आयोजन का यह प्रथम अवसर सागर कला भवन को सौंपा गया है, जो अयोध्या के साथ ही संपूर्ण भारत में मूर्ति कलाकारों के लिए हितकर होगा। बताया कि क्या कहती सरयू धारा विषय पर आधारित रामायण के पात्र या अयोध्या कला व संस्कृति संबंधित मूर्तिकला कार्यशाला का आयोजन हो रहा है जो 6 दिसम्बर तक चलेगा।
इसमें वर्चुअल व ऑफलाइन के साथ ही साथ राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रतिभागिता का प्रमाण पत्र राज्य ललित कला अकादमी द्वारा ऑनलाइन प्रदान किया जाएगा। कार्यशाला के समापन के बाद सृजित कृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन ललित कला अकादमी के दिशा निर्देश के अनुसार किया जाएगा। बताया कि अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 201 कलाकार प्रतिभागियों ने इसमें प्रतिभाग किया है।
मूर्तिकला कार्यशाला में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कलाकारों में मुख्य रूप से अयोध्या से स्नेहा विश्वकर्मा, कृपा शंकर गुप्ता, दीपक कुमार तिवारी, रितिक प्रजापति, रीता शर्मा, अनुराग साहू, सिकंदर पाल, सुरभि पांडेय, बस्ती से प्रशिक्षक प्रवीण कुमार, अलीगढ़ से अतिथि प्रशिक्षिका डा. इन्दिरा अग्रवाल, बुलंदशहर से सोनम चौहान, महाराष्ट्र से प्रमोद कांबले, मध्यप्रदेश से डा. राकेश कुमार, कीर्ति सिंह ठाकुर, संजय कुमार पटेल, राजेश बनवारी, राजस्थान से गीता वर्मा, छत्तीसगढ़ से श्याम दिवाकर, झारखंड से बिवास कुमार, उत्तराखंड से शंकर कश्यप आदि मूर्तिकार अपनी प्रतिभा का श्रेष्ठतम प्रदर्शन कर रहे हैं।