मेले में व्यवस्थाओं के नाम पर तैयारियां आधी-अधूरी ही हैं। मुख्य मार्गों पर ही गंदगी व कूड़े करकट के ढेर लगे हुए हैं। रविवार को डीएम व एसएसपी ने मेले में की गई तैयारियों व सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर अफसरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है।
रामनगरी में आयोजित सावन झूला मेला नगरी के मंदिरों में आयोजित होने वाला झूलनोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं के विशेष आकर्षण का केंद्र होता है। सोमवार को मणिपर्वत पर झूलनोत्सव के साथ मेले का आगाज होगा।
29 अगस्त तक चलने वाले मेले में लाखों की संख्या में जुटने वाले श्रद्धालुओं को प्रशासन की ओर से बेहतर सुविधाओं का दावा रहा है लेकिन मेले की पूर्व संध्या तक तैयारियों आधी-अधूरी ही रहीं।
मुख्य मार्गों पर ही कूड़े-करकट के ढेर लगे रहे। नालियां बजबजाती रहीं। सावन मेले में सर्वाधिक भीड़ श्रद्धालुओं की राम की पैड़ी पर स्थित प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ मंदिर के साथ ही हनुमानगढ़ी मंदिर में होती है।
इन दोनों मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्गों पर जगह-जगह कूड़े-कचरे व गंदगी से पटे हुए हैं। डीएम से मेले से पूर्व व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की चेतावनी भी बेअसर रही है।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा व एसएसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम सिटी व मेलाधिकारी राम निवास शर्मा, एसपी सिटी आरएस गौतम ने मातहतों के साथ सरयू के स्नान घाट, राम की पैड़ी, मणिपर्वत समेत समूचे मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया।
अफसरों ने सुरक्षा व व्यवस्था में मिली खामियों पर अफसरों को फटकार लगाते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। एसपी सिटी आरएस गौतम ने बताया कि सावन झूला मेला को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है।
17 से 29 अगस्त तक चलने वाले मेला को लेकर फोर्स व मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। बाहर से आने वाली फोर्स भी जल्द पहुंच जाएगी। सुरक्षा को लेकर खुफिया एजेंसियों समेत सभी को सतर्क कर दिया गया है।