सावन झूला मेेले के दूसरे पर्व नाग पंचमी पर राम की नगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने सरयू स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। नाग पंचमी पर्व के साथ मठ-मंदिरों में झूलनोत्सव शबाब पर आ गया है।
गली मोहल्लों में बने मठ-मंदिरों में सजाई गई झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। देर शाम तक यहां चहल-पहल का माहौल है। मेले की सुरक्षा के लिए अफसरों के साथ सुरक्षा कर्मी मुस्तैद रहे।
सावन झूला अब परवान चढ़ने लगा है। अयोध्या की गलियों में स्थित मठ-मंदिरों में झूले पड़ गए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम शुरू हो गई है। शाम होते-होते अवधपति भगवान कनक बिहारी के छटा देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ गलियों की ओर रुख कर लेती है।
देर रात तक झूलनोत्सव की धूम हो रही है। श्रीकालेराम मंदिर में शास्त्रीय गायक व कलाकारों की प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय हो जा रहा है। दिव्य कला कुंज में देर रात तक चल रहे सांस्कृतिक आयोजनों में प्यारी झूलन पधारो, झुकि आई बदरा, सजि भूषन बसन, अखियन कजरा... आदि गीतों की गर्भगृह में विराजमान विग्रह भगवान के समक्ष गीत, संगीत व नृत्य की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा की जा रही है।
रसिक संप्रदाय के झुनकी घाट स्थित सियाराम किला, सद्गुरु सदन गोलाघाट, विअहुति भवन, रंग महल, श्रीरामबल्लभाकुंज, जानकी घाट बड़ा स्थान, कनक भवन, दिव्यकला कुंज, रूपकला कुंज, हनुमानगढ़ी, जानकी महल ट्रस्ट, श्रीमणिराम दास की छावनी, तुलसी दास की छावनी, अशर्फी भवन, श्रीकालेराम मंदिर, बावन मंदिर, बड़ा स्थान, बड़ा भक्तमाल, हनुमत सदन, हनुमत निवास आदि मंदिरों के जगमोहन में सज रही सांस्कृतिक संध्या में आयोजित गीत-संगीत व नृत्य के कार्यक्रमों का आनंद उठा रहे हैं।
सावन झूला मेले में मेला प्रशासन द्वारा मेले में एलईडी टीवी व एलईडी वैन लगाकर श्रद्धालुओं को सांस्कृतिक कार्यक्रम व धार्मिक फिल्मों को दिखाया जा रहा है। राम की पैड़ी पर रात में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामायण की प्रस्तुति देख रहे थे।