इससे भयभीत ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। नदी के जलस्तर में पखवारे भर से अधिक समय से हलचल है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर हलचल है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार को नदी का जलस्तर शाम सात बजे 92.220 मीटर पर रहा। सोमवार को नदी का जलस्तर सुबह नौ बजे से 92.090 मीटर पर स्थिर है।
नदी के जलस्तर में आधे से एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे कछार के क्षेत्रों में कटान का खतरा गंभीर हो गया है।
सदर तहसील क्षेत्र के पूरा ब्लॉक के मूड़ाडीहा, मडना माझा, सलेमपुर, पिपारी संग्रम, उरदहवा आदि नदी से सटे गांवों के ग्रामीण कटान से भयभीत हैं।
मूड़ाडीहा सहित अन्य गांवों के ज्यादातर ग्रामीण गांव छोड़ अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे व उपरहार के क्षेत्रों में खुले आसमान के नीचे बसेरा बना लिया है।
कटान के मद्देनजर एसडीएम सदर अमित सिंह ने पूरा ब्लॉक के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण िकया। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह देने के साथ राजस्व कर्मियों को कैंप कर पीड़ितों को हर संभव मदद का निर्देश दिया।