पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश व नेपाल से छोड़े गए पानी ने सरयू में हलचल मचानी शुरू कर दी है। सप्ताह भर से नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे होने वाली वृद्धि 24 घंटे के भीतर अचानक तेज हो गई है। बीते 13 घंटे के दौरान जलस्तर में 33 सेंटीमीटर से अधिक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
हालांकि अभी भी सरयू का जलस्तर लाल निशान से 1.20 मीटर नीचे है लेकिन वार्निंग लेवल से जलस्तर मात्र 20 सेंटीमीटर ही दूर है। नदी में जलस्तर में बढ़ोत्तरी इसी रफ्तार से जारी रही तो कुछ दिनों में नदी लाल निशान को पार कर जाएगी। जलस्तर में हो रही तेजी ने जिले में बाढ़ के खतरे की घंटी बजा दी है।
तटवर्ती इलाकों में बाढ़ व कटान की आशंका से लोग सहमे हुए हैं। पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर सरयू नदी में लगभग पखवारे भर पूर्व से दिखने लगा था लेकिन नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज की जाने लगी है।
रविवार की रात लगभग तीन बजे सरयू का जलस्तर 91.200 मीटर पर था। 13 घंटे में नदी के जलस्तर ने 33 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की है। हालांकि सरयू अभी भी खतरे के निशान 92.730 मीटर से एक मीटर 20 सेेंटीमीटर नीचे है लेकिन वार्निंग लेवल 91.730 मीटर से केवल 20 सेंटीमीटर दूर है।
दो से तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे जलस्तर का अगर यही हाल रहा तो कुछ दिनों में सरयू लाल निशान को पार कर जाएगी, जिससे जिले में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाएगा। सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र समेत रुदौली व सोहावल के कछारीय इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे से हलचल शुरू हो गई है।
केंद्रीय जल आयोग के संजय कुमार के मुताबिक, सरयू में दो-तीन दिनों से बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। रविवार की रात से जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि शुरू हो गई है। बताया कि रात लगभग तीन बजे सरयू का जलस्तर 91.200 मीटर पर था, जबकि सोमवार की शाम चार बजे यह 91.530 मीटर पर पहुंच गया।