अयोध्या में सरयू की डूबी घाटों की सीढ़ियां।
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पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने सरयू में हलचल मचानी शुरू कर दी है। सप्ताह भर से नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे होने वाली वृद्धि 24 घंटे के भीतर अचानक तेज हो गई है। इस दौरान जलस्तर में 26 सेंटीमीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अभी भी सरयू का जलस्तर लाल निशान से 45.5 सेमी नीचे है लेकिन हाल यही रहा तो दो दिनों में नदी लाल निशान को पार कर जाएगी। जलस्तर में हो रही तेजी ने जिले में बाढ़ के खतरे की घंटी बजा दी है। इससे तटवर्ती इलाकों में कटान की आशंका से लोग सहमे हुए हैं।
पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर सरयू नदी में लगभग पखवारे भर से दिख रहा था। दो दिनों से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बुधवार को सरयू का जलस्तर शाम पांच बजे 92.010 मीटर पर था। 24 घंटे में नदी के जलस्तर ने 26 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की है।
सरयू अब भी खतरे के निशान 92.730 मीटर से 45.5 सेेंटीमीटर नीचे है। एक से आधे सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही नदी की रफ्तार यही रही तो दो दिनों में सरयू लाल निशान को पार कर जाएगी, जिससे जिले में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाएगा।
सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र समेत रुदौली व सोहावल के कछारीय इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे से हलचल शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गुरुवार शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 92.275 मीटर पर था, जबकि बुधवार की शाम पांच बजे यह जलस्तर 92.010 मीटर पर रहा।
अनुमान है कि शुक्रवार को जलस्तर सुबह आठ बजे तक 92.400 मीटर तक पहुंच जाएगा। उधर, एसडीएम सदर दीपा अग्रवाल ने राजस्व कर्मियों को बंधे समेत प्रभावित गांवों में जाने का निर्देश दिया है। बाढ़ से सुरक्षा व सहायता की सभी तैयारी पूरी है।