पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश व नेपाल से छोड़े गए पानी से सरयू उफान पर है। मंगलवार को नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया। सरयू का जलस्तर अब लाल निशान से तीन फीट नीचे है। कछार के क्षेत्रों में नदी की प्रलयंकारी धारा से कटान का खतरा बढ़ गया है।
शहर में नदी से सटे गुप्तारघाट, मीरनघाट व निर्मली कुंड में कटान शुरू हो गई है। सरयू में पिछले दो-तीन दिन से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यह जलस्तर मंगलवार की भोर चेतावनी बिंदु 91.730 मीटर को पार कर गया। शाम को नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी थम गई है।
सरयू शाम लगभग तीन बजे 91.820 मीटर पर स्थिर हो गई। हालांकि सरयू अभी भी खतरे के निशान 92.730 मीटर से 91 सेंटीमीटर दूर है। कतर्निया व बनबसा बैराज में भी जलस्तर स्थिर है लेकिन पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदी के जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी शुरू हो सकती है।
हालांकि नदी के बढ़े जलस्तर का असर शहर के तटीय इलाकों तक पहुंच गया है। नगर के गुप्तारघाट, मीरनघाट व निर्मली कुंड में कटान तेज हो गई है। क्षेत्र के रामजनम यादव, रामकुमार निषाद, माला व सुखराम बताते हैं कि नदी के बढ़े जलस्तर से उनकी खेती डूब गई है।
घर व गुमटी से धारा दूर है लेकिन जलस्तर बढ़ा तो वह भी चपेट में आ जाएंगे। हालांकि नदी का जलस्तर थम गया है लेकिन पहाड़ों पर बारिश के बीच नेपाल से पानी छोड़ा गया तो जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र समेत रुदौली व सोहावल के कछारीय इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे से हलचल शुरू हो गई है। जलस्तर में ठहराव से कछार के तटीय इलाकों में कटान का खतरा भी गंभीर हो गया है।
केंद्रीय जल आयोग के जेई विनय कुशवाहा ने बताया कि सरयू में दो-तीन दिनों से बढ़ोतरी का असर रहा कि मंगलवार की सुबह लगभग छह बजे नदी के जलस्तर ने चेतावनी बिंदु 91.730 मीटर को पार कर लिया है।
बताया कि शाम लगभग तीन बजे सरयू का जलस्तर 91.820 मीटर पर पहुंच कर स्थिर हो गया है। कतर्निया व बनबसा बैराज पर भी पानी स्थिर हो गया है, इससे जलस्तर में वृद्धि थमी रह सकती है।