नदी के जलस्तर बढ़ने व थमने के तटीय क्षेत्रों के साथ अयोध्या-बिल्वहरिघाट व चिर्राखजुरी बंधे पर कटान का खतरा भी गंभीर हो गया है।
प्रशासनिक ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए राजस्वकर्मियों की टीम का अलर्ट कर दिया है। टीम प्रभावित इलाकों में कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित रुदौली तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाके में नाव लगा दी गई है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार से तेजी से बढ़ रहा सरयू का जलस्तर सोमवार भोर में लगभग तीन बजे खतरे के निशान 92.730 मीटर को पार कर 92.780 मीटर पर पहुंच गया है।
शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छू कर निकल रही सरयू नदी के पानी से कटान बढ़ने लगी है। लोग घरों के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
बाढ़ के पानी से सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र के मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मडना मांझा, बलुइया व काजीपुर मांझा आदि गांवों में नदी का पानी घुस गया है।
आबादी के इलाके के करीब पहुंच रहे पानी से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। कटान के बढ़ते खतरे के मद्देनजर अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे पर सुरक्षा सतर्कता बढ़ाने के साथ तटीय इलाकों में राजस्व कर्मियों की टीम कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार को लाल निशान से पांच सेमी ऊपर पहुंच कर थम गया है। मंगलवार को जलस्तर 92.700 मीटर पर पहुंचने की संभावना है।
दो दिनों से जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी की रफ्तार कम होने और थमने से सरयू से सटे इलाकों में कटान का खतरा गंभीर होने लगा है। माना जा रहा है कि नदी के जलस्तर में यदि गिरावट शुरू होगी तो कटान भी तेजी से बढ़ेगी।
एडीएम वित्त एवं राजस्व जयशंकर त्रिपाठी ने बताया कि सरयू व घाघरा में माह भर से जलस्तर घट-बढ़ रहा है। नदी ने सोमवार को खतरे का निशान पार किया है।
लिहाजा प्रशासन पहले से और अधिक सतर्क है। बांधों के हालात और तटवर्ती इलाकों में कटान व पलायन समेत नावों के इंतजाम को लेकर तहसीलदारों को लगाया गया है।
अभी रुदौली तहसील के तटवर्ती इलाके में ही नाव की जरूरत थी, तो वहां लगा दी गई है। बाकी सदर व सोहावल तहसील में भी जैसे ही आवश्यकताएं होगी, नाव समेत जरूरी संसाधन पहुंचाए जाएंगे।