आरती के भावपूर्ण सामूहिक स्वरों के साथ जब शंख और घंटा-घड़ियाल की ध्वनियां एक साथ गूंजी तो उसने उपस्थित लोगों के चेहरे की भाव बयां कर रहे थे कि उन लोगों ने चेतना के गौरीशंकर को स्पर्श कर लिया।
सरयू आरती में जिलाधिकारी योगेश्वरराम मिश्र, रंग महल के महंत रामशरणदास, नाका हनुमानगढ़ी के पुजारी रामदास, शशिकांतदास सहित अयोध्या के संत-महंत सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।