अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे मंदिर मंदिर निर्माण की बाधा मुक्ति व कोरोना के शमन की कामना से रामनगरी के संतों ने रविवार को अनुष्ठान किया। इस अवसर पर मां सरयू का वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य पूजन-अर्चन कर दुग्धाभिषेक किया गया। इसके बाद संतों ने सरयू को 51 मीटर चुनरी अर्पित कर राममंदिर निर्माण के बाधा निवारण व कोरोना के शमन की कामना की।
सरयू के आरती घाट पर रविवार सुबह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयनदास शास्त्री व विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा के यजमानत्व में अनुष्ठान का आयोजन हुआ। आचार्य दुर्गा प्रसाद गौतम, आचार्य नारद भट्टराई, आचार्य दिपेंद्र के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रों से सरयू का पूजन कराया गया।
इस अवसर पर मां सरयू का दुग्धाभिषेक करते हुए 51 मीटर चुनरी भी अर्पित की गई। संत समिति अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने कहा कि वर्तमान में राष्ट्र में फैली कोरोना महामारी का संकट है। कोरोना का शमन हो और भव्य राममंदिर निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूर्णता को प्राप्त करे इसी कामना से पूजन-अर्चन किया गया है।
शरद शर्मा ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य सिद्धि के लिए संतों के सानिध्य में यह पूजन किया गया है। साथ ही कोरोना के चलते जो अनेक लोग साकेतवासी हो गए हैं उनकी आत्मा की शांति और कोरोना के शमन की प्रार्थना भी की गई। साथ ही इस अनुष्ठान के जरिए सरयू को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने का भी आह्वान किया गया।
अनुष्ठान के अवसर पर हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी रामकोट के पार्षद रमेश दास, सरयू आरती के प्रबंधक महंत शशिकांत दास, रामायणी रामशंकर दास, श्रीराम जन्मभूमि के सहायक पुजारी संतोष शास्त्री, महंत अवनीश दास, राजा वर्मा, विनय शास्त्री, संत दया राम दास सहित अन्य मौजूद रहे।
अनुष्ठान के मुख्य यजमान व ट्रस्ट अध्यक्ष के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि राममंदिर निर्माण में अब कोई बाधा नहीं है। कुछ ऐसे लोग हैं जो चुनाव को देखते हुए तरह-तरह के मामले उठा रहे हैं और राममंदिर निर्माण में बाधा डालने का कुचक्र रच रहे हैं वे राष्ट्र विरोधी हैं।