निकाय चुनाव में मतदान कर स्याही दिखाते संत राजूदास व अन्य संत।
अयोध्या। लोकतंत्र के महायज्ञ में बृृहस्पतिवार को सुबह भजन-पूजन के बाद संत-धर्माचार्य भी वोटों की आहुति देने बूथ तक पहुंचे। शहर की बेहतर सरकार चुनने के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाने के लिए संत समाज ने पूरे उत्साह के साथ निकाय चुनाव में बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी की। अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञानदास ने मतदान के बाद कहा कि संतों समाज ने इस बार अयोध्या के विकास के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
महंत वैदेही वल्लभ शरण ने भी संतों व शिष्यों के साथ सुबह ही बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि अयोध्या नई ऊंचाइयों को स्पर्श करे, इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने मतदान किया है। जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने कहा कि मतदान करके लोकतंत्र व अयोध्या के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी की है।
रंगमहल के महंत रामशरण दास ने कहा कि शहर की सरकार मजबूत होनी चाहिए, तभी शहर की सूरत बदलेगी। इसीलिए भजन पूजन के बाद सबसे पहले लोकतंत्र के यज्ञ में वोट की आहुति देने बूथ पर पहुंचे। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि संतों पर लोकशाही को मजबूत करने की कहीं अधिक जिम्मेदारी है। इसी जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए संत समाज ने अपने-अपने आश्रमों से निकल कर पूरे उत्साह के साथ मतदान में भागीदार की हैं।
महंत डॉ.भरत दास व अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत गौरीशंकर दास ने मतदान के बाद कहा कि अयोध्या को नई पहचान मिले इसी लिए वोट डालने की जिम्मेदारी सबसे पहले निभाने बूथ तक पहुंचे हैं। संत राजूदास ने कहा कि अयोध्या की उन्नति के लिए वोट दिया है। महंत कमलनयन दास, हनुमानगढ़ी के महंत संतरामदास, महंत मुरलीदास, महंत जर्नादन दास, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत करुणानिधान शरण सहित बड़ी संख्या में संतों ने लोकतंत्र के पूर्व में पूरे जोश व उत्साह के साथ बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी की।