बता दें कि श्रीमनोकामना सिद्ध आश्रम के प्रसिद्ध संत हंसदास शास्त्री उर्फ गुजराती बाबा बीते वर्ष 13 नवंबर को एक शिष्य के साथ कार से राजकोट गुजरात जाने के लिए लखनऊ जाते समय दुर्घटना का शिकार हो गए थे। तभी से उनका इलाज लखनऊ में चल रहा था। शुक्रवार को सुबह चार बजे पीजीआई में उनका निधन हो गया था। देर शाम लखनऊ से गुजराती बाबा का शव आश्रम लाया गया था।
शनिवार को सुबह पौने 11 बजे क्षीरेश्वरनाथ मंदिर से फूलों से सजे वाहन पर अंतिम यात्रा निकाली गई, जो कनक भवन, हनुमानगढ़ी, तुलसी उद्यान, नागेश्वरनाथ से होते हुए सरयू तट पहुंची। यहां पर उनकी वैदिक विधान से अंत्येष्टि की गई।
उनके अंतिम दर्शन के लिए यात्रा व सरयू तट पर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एसएस कुलश्रेष्ठ, केएन पाराशर, पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह, राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, कवि यतींद्र मोहन प्रताप मिश्र, पूर्व आईजी एनके श्रीवास्तव, आईजी जेल दिनेश चंद्र तिवारी, वन राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय, महंत नारायणाचारी, पुजारी रामदास, अतुल सिंह आदि शिष्य मौजूद रहे।