अयोध्या। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सहकारी समिति के कर्मचारियों ने मंगलवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के जरिए भेजा। कार्य बहिष्कार के चलते जिले की सभी सहकारी समितियों पर ताला लटका रहा।
मांगों को लेकर सहकारी समिति के कर्मचारी जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह के नेतृत्व में कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। हड़ताल के चलते किसी भी सहकारी समिति पर कोई काम नहीं हुआ। संघ के प्रतिनिधि मंडल ने विभाग के विभिन्न अफसरों के यहां ज्ञापन देने पहुंचे लेकिन अफसर लखनऊ में बताए गए। डीएम सहित अफसरों के कार्यालयों में ज्ञापन सौंपा गया।
सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने मांग उठाई कि उर्वरक वितरण में कई जनपदों में सचिवों पर एफआईआर दर्ज कराई गई। उसी आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसे वापस लिया जाए। गेहूं, धान खरीद का संपूर्ण बकाया कमीशन, भाड़ा, पल्लेदारी, किसानों की सुख सुविधा आदि का भुगतान किया जाए। समिति के कार्यक्षेत्र में खोले गए एगंरी जंक्शन बंद किए जाए।
इफ्को, पीसीएप के तहत समितियों से किए गए व्यवसाय पर प्रति टन 50 रुपये के हिसाब से भुगतान कराया जाए। समिति कर्मियों के वेतन और बकाया वेतन के भुगतान की व्यवस्था की जाए। पीओएस मशीन के बनने की व्यवस्था जिले से स्तर पर की जाए। जनपद अयोध्या के में जिन सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई उसे वापस लिया जाए। जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि लिए की सभी सहकारी समितियां बंद रही।
ज्ञापन देने वालों में उनके साथ उपाध्यक्ष अनूप कुमार वर्मा, गिरीश सिंह महामंत्री, राम आशीष वर्मा, अरूण पांडेय, जय प्रकाश मिश्र, अरूण मिश्र, राम यज्ञ गोस्वामी, राजेश वर्मा, राम प्रताप यादव, दिनेश, राकेश मिश्र, सूर्य राम यादव, राहुल पांडेय, महताब आलम, रामकेवल यादव, प्रमोश शुक्ल, राम कृष्ण पांडेय सिहत अन्य लोग रहे।