तारून। ब्लॉक क्षेत्र से निकलने वाली तमसा का जलस्तर खासा बढ़ गया है। इसका पानी अब राम वन गमन मार्ग के पुल के ऊपर से बह रहा है। आवागमन प्रभावित हुआ है। जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई है।
तारडीह के प्रधान हरिश्चंद्र निषाद ने बताया कि गांव में तमसा नदी पर बाबा कम्हरिया घाट पौराणिक स्थल है। मान्यता है कि प्रभु श्रीराम ने वन गमन के दौरान यहां प्रथम रात्रि विश्राम किया था।
बताया कि मंदिर के निकट तमसा नदी पर बने पुल के ऊपर से बरसात का पानी बह रहा है। नदी में उफान से किसान लालजी, सियाराम निषाद, अजीत, कर्मराज, साहबदीन, लल्लू राम, सूर्यनाथ बालक राम यादव, अजीत, अरविंद, जोधपुर वर्मा, शेष मणि तिवारी की सैकड़ों बीघे धान व गन्ने की फसल डूब गई है।
निषाद ने बताया कि भरण पोषण के लिए किसानों की जमीन तमसा के तट पर ही है। पिछले पानी के जमाव को दूर करने पौराणिक नदी का सौंदर्यीकरण के साथ ही गहरीकरण का काम कराया गया। लेकिन नदी में बढ़े पानी से जल का बहाव मार्ग के पुल के ऊपर से हो रहा है। फसलों के बर्बाद होने की जानकारी बुधवार को एसडीएम बीकापुर और जिला कृषि अधिकारी को दी गई है। इस संबंध में तहसीलदार बीकापुर से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।