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लाल निशान के करीब पहुंची सरयू

Wed, 12 Aug 2015 01:17 AM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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कछार के क्षेत्रों में बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर हलचल बढ़ गई है। नदी के बढ़ते-घटते जलस्तर से तटीय इलाकों में कटान का खतरा भी बढ़ गया है।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की जाने लगी। हालांकि जिले में मंगलवार को मात्र 8 मिमी बारिश हुई। लेकिन पहाड़ों पर हुई बारिश से नदी में हलचल होनी शुरू हो गई है।

सप्ताह भर से आधे से एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही सरयू सोमवार शाम से अचानक तेजी से बढ़ने लगी। हालांकि सरयू अभी भी खतरे के निशान 92.730 मीटर से 12 नीचे है।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार शाम पांच बजे जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। जो रात 11 बजे तक दो सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। मंगलवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 92.610 मीटर पर स्थिर है।

 आयोग के मुताबिक बुधवार को जलस्तर में घटाव आ सकता है, मगर फिर नेपाल की नदियों का पानी छोड़ा गया, तो हालात विस्फोटक होंगे। नदी में बढ़ते जलस्तर से सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक के तटीय इलाकों में बाढ़ के खतरे से एक बार फिर हलचल मच गई है।

रुदौली तहसील के घाघरा किनारे बाढ़ से महंगू का पुरवा, सरायनासिर, मुजैना, कैथीमाझा चार गांव कटान से प्रभावित हो रहे हैं। महंगू पुरवा के अखंड प्रताप सिंह का घर कटान की जद में है।

 मुनई यादव का घर भी कटान से प्रभावित है। कैथी माझां का संपर्क टूट गया है, नाव से जाना पड़ रहा है। गांव के रामपाल यादव का कहना है कि अभी तक कोई मदद प्रशासन से नहीं मिली है।

उधर पूराबाजार में नदी के बढ़ते जलस्तर से कछार के इलाकों में पानी घुसने लगा है। नदी का पानी चक्रवर्ती सम्राट महाराजा दशरथ की समाधि स्थल तक बने बंधे के निकट तक पहुंच गया है।

बाढ़ के पानी से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसलें डूबने लगी हैं। इसी के साथ बंधे व नदी के बीच बसे गांवों के लोगों को बाहर आने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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खासकर प्राइमरी स्कूल दशरथ समाधि स्थल तक आने जाने के लिए बच्चों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। तटबंध पर बसे 50 झुग्गी वासियों का दर्द बढ़ गया है। लोगों ने बताया कि घर पानी से घिर गया है। अब बंधा ही सहारा रह गया है। जबकि प्रशासन की ओर से कोई राहत इंतजाम नहीं है।
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