तेज हवा से कुछ क्षेत्रों में गन्ना और पेड़ों की डाल टूटकर गिरने की सूचना है। खेतों में पानी भर गया। गड्ढों व पोखरों (तालाब) की तली में भी कुछ पानी जमा हो गया।
सुबह समूचे जिले में कहीं हल्की तो कहीं तेज वर्षा हुई। इस वर्षा से किसानों को खासा लाभ मिला है। धान की फसल को जीवनदान मिला है। सप्ताह भर खेतों में पानी लगाने की समस्या दूर हो गई है।
हनुमतनगर क्षेत्र के लक्ष्मीदासपुर में शंभू पांडेय की छपरे की पशुशाला ढह गयी। सभी पशु सकुशल बच गये। शांतीपुर, अलावलपुर, लक्ष्मीदासपुर में खेतों में खड़ी गन्ने की फसल जमीन में लोट गई।
सोहावल, हनुमतनगर, पूराबाजार, गौराघाट, ऐमीघाट, दर्शननगर, रुदौली, रानी बाजार व मिल्कीपुर में अच्छी वर्षा हुई है। नगर में राजकीय इंटर कॉलेज, पुलिस लाइंस, रेलवे स्टेशन मार्ग, मोदहा दक्षिणी, वजीरगंज, लालबाग, कुम्हारन टोला, बुद्धनगर जनौरा, रोडवेज बस स्टैंड, अंगूरीबाग स्कूल, कंधारी बाजार आर्य कन्या गली में पानी भर गया।
नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि जिले में 08 से 16 मिमी. तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बताया कि बुधवार को हल्की वर्षा के संकेत हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव का कहना है कि बरसात होने से किसानों को चौतरफा लाभ हुआ है। धान की फसल के साथ-साथ गन्ना, उड़द, अरहर की फसलों को भी फायदा हुआ है। फिलहाल फसलों को अभी और पानी की जरूरत है। बरसात होती है तो और अच्छा होगा।