मधुपुर-गौराघाट मार्ग जाम कर घंटों नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि थाना पुलिस शराब के अवैध कारोबारियों से मिली हुई है। पुलिस के संरक्षण में कच्ची शराब का काला कारोबार फल फूल रहा है।
इससे प्रदर्शनकारी पुलिस कर्मियों को हटाने की मांग पर अड़े थे। तकरीबन दो घंटे जाम लगा रहा, जिसके बाद सीओ के निर्देश दरोगा ने ज्ञापन लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इससे पूर्व कई गांव के ग्रामीण युवाओं ने मिल कर मधुपुर चौराहे पर बैठक कर रणनीति बनाई। पुलिस प्रशासन होश में आओ, भ्रष्ट सिपाहियों को हटाओ, मधुपुर महिलाओं की है ललकार..कच्ची शराब के विक्रेताओं हो जाओ होशियार... आदि नारे लिखी तख्तियों को लेकर महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शनिवार को निकल पड़े।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना था कि मधुपुर, जीवपुर, कर्माकोडरी, पिपरी, सोनेडाढ़, भदरसा समेत क्षेत्र में जगह-जगह कच्ची शराब की भट्टियां धधक रही है। चौराहों पर खुलेआम अवैध शराब बिक रही है।
शराबियों के आतंक से राह चलना दूभर हो गया है। शाम ढलते ही इन अवैध कारोबारियों की दुकानें सज जाती है। यही नहीं छिनैती और मारपीट की घटनाएं आम हो गई है।
आरोप है कि पुलिस सब कुछ जानते हुए भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रही है। तकरीबन दो घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान मार्ग के दोनो तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
इसकी सूचना जब सीओ अयोध्या को हुई तो उन्होंने मौके पर आधा दर्जन पुलिस कर्मियों के साथ दरोगा को भेजा। प्रदर्शन कर रहे युवा ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे राकेश चौधरी ने जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को संबोधित ज्ञापन सौपा।
अवैध शराब के कारोबार में लिप्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। प्रदर्शन में सूर्यभान, पंकज, अमरनाथ, कमलेश, अनीता, चिंतादेवी, मंजू, फूलकला, पार्वती, भानुमति, प्रतिमा, कल्पना, पूनम, प्रभा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।