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सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगी रामनगरी

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अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर के प्रोजेक्ट को सिलसिलेवार पूरा करने की कवायद तेज हो गई है। अभी तक जिन परियोजनाओं पर काम चल रहा था, उनकी भी नए सिरे से प्राथमिकता तय की जा रही है। इस समय सबसे ज्यादा फोकस उन योजनाओं पर है, जो अयोध्या को बाहरी पर्यटकों को जोड़ने से जुड़ी हैं।
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दूसरी तरफ अयोध्या को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। अयोध्या के वृहद विकास के लिए मास्टर प्लान का खाका तैयार किया जा चुका है। इस मास्टर प्लान में अयोध्या के आस-पास के लगभग छोटे-बड़े 90 गांव शामिल किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य अयोध्या सांस्कृतिक नगरी की मार्ग व्यवस्था का विकास, विस्तार, चौड़ीकरण व रामनगरी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करना है।
धार्मिक नगरी अयोध्या के सांस्कृतिक विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। अयोध्या को विश्व की प्रधान सांस्कृतिक नगरी बनाने की योजना है। अयोध्या का चहुुंमुखी विकास करने के लक्ष्य की ओर तेजी से काम शुरू हो चुका है। इसके लिए मास्टर प्लान में नए सिरे से आगामी लगभग 20 से 30 साल तक की आवश्यकताओं, आम सुविधाओं व जरूरतों को शामिल किया गया है।
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जिसमें पंचकोसी मार्ग, 14 कोसी मार्ग का चौड़ीकरण, गुप्तारघाट से सरयू पुल तक तथा सरयू पुल से पूराकलंदर, बस्ती हाइवे मार्ग पुल तक विशेष व्यवस्था करने, सुल्तानपुर रोड, रायबरेली रोड, प्रयागराज रोड आदि को 04लेन बनाने के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा यहां होटल, रिसार्ट, परिक्रमा मार्गो का चौड़ीकरण किया जाएगा।
स्कूल-कालेजों, अस्पताल अन्य सांस्कृतिक-ऐतिहासिक स्थानों, हैरीटेज-वाक तथा मुख्य स्थानों पर अपने शहर के मुख्य संतों के चित्रों की भव्यता के साथ पेंटिंग लगाने की कार्ययोजना भी बनेगी। अयोध्या का एयरपोर्ट और हाइवे को समय से पूरा करने की योजना प्राथमिकताओं में है।
इसके अलावा रायबरेली, अंबेडकरनगर और प्रयागराज हाइवे को भी जल्द पूरा करना है। इसके लिए जमीन के क्रय करने का काम चल रहा है। एयरपोर्ट की जमीन कुछ खरीद ली गई है। शेष भी जल्द खरीद लिया जाएगा। इसी तरह से हाइवे के लिए भी जमीन के क्रय करने की कार्रवाई चल रही है।
रामनगरी के पौराणिक मंदिर, मठों, कुंडों की ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इनका जीर्णोद्धार कराकर इन्हें संरक्षित किया जाएगा ताकि अयोध्या की इन विरासतों को सहेजने के साथ-साथ ही यह आध्यात्मिक पर्यटन का भी केंद्र बन सकें। 100 साल से पुराने मठ-मंदिरों को चिन्हित करने का काम भी प्रशासन द्वारा शुरू किया जा चुका है।
इनको सूचीबद्घ कर इनको भव्यता प्रदान करने की योजना है। इसके अतिरिक्त अयोध्या के हैरीटेज के पुराने मंदिरों के सौंदर्यीकरण, मुख्य स्थानों का चिन्हीकरण, साइनेज का चिन्ह लगाने, साकेत पेट्रोल पंप से नयाघाट के मार्ग को और सौंदर्यीकरण करने के प्लान भी शामिल है।
अयोध्या में कई योजनाओं पर काम चल रहा है जिनके पूरे होते ही अयोध्या निखर उठेगी। पहले के सारे प्रोजेक्ट पर काम तेजी से पूरा करवाने के प्रयास हो रहे हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय बस स्टेशन, राम कथा पार्क के प्रॉजेक्ट, राम की पैड़ी का विस्तार, भजन संध्यास्थल, लक्ष्मण किला के घाटों का विस्तार आदि शामिल हैं।
थीम पार्क के विस्तार का भी काम चल रहा है। कोरियाई पार्क बनने से अयोध्या व कोरिया के जहां सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती मिलेगी वहीं पर्यटन की दिशा में भी यह पार्क मील का पत्थर साबित होगा।
अयोध्या विकास का जो खाका खींचा गया है उसके लिए मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी कोलकाता की कंपनी को सौंपी गई है। इस मास्टर प्लान को शासन ने स्टेट साल्टी सिस्टम लिमिटेड कोलकाता को तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। यह संस्था अयोध्या, गोरखपुर व बस्ती जिलों का मास्टर प्लान बना रही है। कंपनी को निर्देशित किया गया है कि ऐसा मास्टर प्लान बनाया जाए जिसमें अयोध्या के विकास की आपार संभावनाएं हों।
नगर विधायक वेद गुप्ता कहते हैं कि राममंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या के विकास पर भी शासन का फोकस है। जो योजनाएं बन रही हैं वह भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। अयोध्या अब धर्म, संस्कृति के साथ-साथ पयर्टन का भी केंद्र बनेगी। अयोध्या का विकास उसकी धार्मिक गरिमा के अनुरूप कराया जा रहा है। कुछ कार्य पूरा होने को हैं, कुछ के लिए मास्टर प्लान तैयार हो रहा है। आगामी दो वर्षों में अयोध्या पर्यटन केंद्र पर अपना अहम स्थान हासिल करेगी।
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