अयोध्या। एक बार फिर सौहार्द की मिशाल उस समय बुलंद हुई जब अयोध्या मामले में एक दूसरे के विरुद्ध मुकदमा लड़ रहे हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास ने मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी के आवास पर पहुंचकर उन्हें मिठाई खिलाकर दीपावली की बधाई दी। इकबाल ने भी पुष्पगुच्छ भेंटकर महंत धर्मदास का स्वागत किया। वहीं अन्नकूट पर्व पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के आश्रम पहुंचकर प्रसाद ग्रहण कर सौहार्द की खुशबू बिखेरी।
अयोध्या विवाद में सुनवाई पूरी हो चुकी है, फैसला सुरक्षित है माना जा रहा कि इस विवाद में अगले कुछ ही दिनों में निर्णय आ जाएगा। अयोध्या विवाद का फैसला कुछ भी आए लेकिन रामनगरी में सांप्रदायिक सौहार्द की बुनियाद एक बार फिर मजबूत हुई। हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास ने मंगलवार को मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी के आवास पर पहुंचकर उन्हें मिठाई खिलाकर दीपावली की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर दोनों पक्षकारों ने आवाम से अपील किया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी हो दोनों पक्ष मानें और आवाम फैसलों को लेकर शांति बनाए रखें। वहीं सोमवार को अन्नकूट पर्व पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के आश्रम पहुंचकर अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण किया तो सांप्रदायिक सद्भाव की नजीर देखने को मिली।
इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या यूं ही सद्भाव की नगरी नहीं कही जाती इसके पीछे यहां का आपसी सामंजस्य, प्रेम व सौहार्द है। अयोध्या से पूरे देश को भाईचारे का संदेश जाए इसलिए हमने एक बार फिर साधु-संतों के साथ पर्व मनाया है। हम उनके पर्व में जाते हैं वे हमारे पर्व में आते हैं यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है। अयोध्या का माहौल तो बाहरी लोग बिगाड़ते हैं, अयोध्या में तो हर जगह सद्भाव दिखता है।