श्रीराम जन्मोत्सव में अब रामनगरी डूब चुकी है। मठ-मंदिरों में जन्मोत्सव की तैयारियां जहां पूरी हो गई हैं, वहीं भक्तों की भीड़ पूजन-अर्चन और प्रवचन में उमड़ रही है। यहां जन्मोत्सव की कथाएं, गीत-संगीत संग आस्था तिरोहित हो रही है। पुलिस प्रशासन ने भीड़ के मद्देनजर मेला क्षेत्र में सुरक्षा मंगलवार सख्त कर दी है।
डीएम-एसएसपी ने मेला क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा व मेला इंतजाम का जायजा लिया है। नगरी में नवरात्र के पहले दिन आठ अप्रैल से शुरू हुए राम नवमी मेले की रौनक अब बढ़ गई है। 15 अप्रैल को राम जन्मोत्सव को लेकर भक्तों की भीड़ मंगलवार को बढ़ गई।
सरयू घाट, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ, छीरेश्वरनाथ में दिनभर भक्तों का आना-जाना लगा रहा। रामलला के दर्शन को भी कतार लगी रही। जन्मोत्सव के मुख्य स्थल कनक भवन के बाहर बड़े आकार की एलसीडी लगा दी गई है, जहां से जन्मोत्सव को परिसर में श्रद्धालु देख सकेंगे। राम जन्मोत्सव के लिए मठ-मंदिरों को करीने से सजाया जा रहा है।
मंदिरों में चल रहे धार्मिक कार्यक्रम परवान चढ़ रहे हैं। सरयू तट पर बसी राम नगरी में रामकथा की रसधार बह रही है। प्रतिष्ठित पीठ श्रीराम बल्लभाकुंज में विख्यात कथावाचक प्रेमभूषण महाराज, रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व सांसद डा. राम विलास द्वारा वेंदाती हिंदू धाम स्थित रामवचन कथा मंडपम में श्रीराम के पावन चरित्र को स्वर दे रहे हैं।
भगवदाचार्य स्मारक सदन में स्वामी वैदेही बल्लभशरण नव संवत्सवर महोत्सव समिति से आयोजित प्रवचन सत्र में रामकथा का बखान कर रहे हैं। जानकी महल ट्रस्ट में प्रवचनकर्ता आशीष मिश्र, दशरथ महल बड़ी जगह में स्वामी मधुसूदनाचार्य तो तोताद्रिमठ में जगद्गुरु स्वामी डॉ. राघवाचार्य श्रीराम कथा का गुणगान कर रहे हैं।
कथावाचकों के प्रवचनों को सुनने के लिए स्थानीय श्रोताओं सहित मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों के श्रोताओं की भीड़ है। सरयू तट स्थित प्रसिद्ध कालेराम मंदिर में वासंतीय नवरात्रि सांवत्सरिक श्रीराम जन्मोत्सव आयोजित हो रहा है। मंदिर में आध्यात्मिक अनुष्ठानों के साथ ही शास्त्रीय संगीत की धारा बह रही है।