अयोध्या। रात भर में रामपथ की तस्वीर बदल गई। सहादतगंज से सर्किट हाउस और राम नगरी में रातभर मशीनें धडधड़ाती रहीं। कल तक जहां बड़े-बड़े गड्ढे और मेन होल खुले हुए थे, वहां सुबह समतल सफेद गिट्टी चमक रही थी। मलबे के सामने पहली बार लंबी कतार में हरी चादर लगी दिखी। यह सब मुख्य सचिव के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर महज कुछ घंटों में ही हो गया।
रामपथ के पूरे 13 किमी. में तो नहीं लेकिन जहां साहब की दृष्टि पड़ सकती है, वहां की तस्वीर शनिवार की सुबह बदली दिखी या फिर बदली जा रही है। मुख्य सचिव सहादतगंज से सर्किट हाउस आएंगे। यह लगभग तीन किमी. लंबा पथ है। कल तक कम चौड़ा रास्ता, जगह-जगह उबड़-खाबड़, मैन होल इस पर खुले हुए थे। बीच में छोटे-बड़े गड्ढे। बगल से चले तो खुदे गड्ढे में चले जाते लेकिन अब ऐसा नहीं है।
सहादतगंज के राकेश कुमार और हनुमानगढ़ी के पास के जगदीश बताते हैं कि शुक्रवार की रातभर काम हुआ। ट्रकों से सफेद वाली गिट्टी लाकर सड़क के गड्ढों और चौड़ीकरण के लिए डाला जा रहा था। जेसीबी से बराबर करके मशीन से समतल और रोलिंग की जा रही थी। अब दूर से देखिए तो चौड़ा और कुछ समतल राम पथ दिखता है।
रामनगरी में कोतवाली पोस्ट ऑफिस के साथ अन्य स्थानों पर शुक्रवार की शाम से ही मशीनें और आदमी लगे हैं। गड्ढों का पानी निकालने के साथ गिट्टी डाल समतल बनाए जाने का काम हो रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि एक नहीं कई मशीनें काम कर रही है।
रामपथ निर्माण को लेकर हो चुकी किरकिरी
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को जोड़ने वाले सबसे लंबे रामपथ को लेकर मुख्य सचिव के पिछले दौरे में किरकिरी हो चुकी है। दावा था कि रात दिन काम हो रहा लेकिन सीएस को काम नहीं दिखा तो समीक्षा में उन्होंने तल्ख टिप्पणी करके सभी की बोलती बंद कर दी थी। अफसरों को बगले झांकना पड़ा था। ऐसी स्थिति इस बार न हो इसको लेकर इस बार प्रशासन सख्त हैं, वाहन दौड़ रहे हैं। कई स्थानों पर समतल और चौड़ा रामपथ दिखाने की कोशिश है।