डीएम किंजल सिंह सोमवार को आठ अप्रैल से शुरू होने वाले प्रसिद्ध चैत्र रामनवमी मेले की व्यवस्थाओं की तैयारियों का जायजा लेने निकलीं तो तमाम खामियां पकड़ीं। मातहतों को फटकार लगाई। लापरवाह अफसरों को किसी भी सूरत में समय से काम पूरा करने को कहा। काम पूरा नहीं मिला तो सस्पेंड करने की चेतावनी दी।
डीएम दोपहर में नयाघाट बंधा तिराहे पर पहुंची। बंधा चौकी कक्ष में अफसरों के साथ बैठक में मेले की तैयारियों की समीक्षा की। सख्त लहजे में कहा कि मेला सिर पर और तैयारियां बदहाल हैं। यदि आप लोग काम नहीं कर पा रहे हैं तो चले जाएं। मेला शुरू होने में समय कम है, फिर भी आप सभी केयरलेस हैं।
जलनिगम से मेला क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता चेक कराकर आपूर्ति करने को कहा। टैंकरों की कमी न हो। जरूरत पड़े तो बाराबंकी से मंगवाएं। घाट व मंदिरों में बैरीकेडिंग करने वाले ठेकेदार को बुलाकर जानकारी ली। कहा कि गड़बड़ी हुई तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मेले में फायर ब्रिगेड के अतिरिक्त प्राथमिक विद्यालयों से अग्निशमन यंत्र मंगाकर हर गली में लगवाने को कहा। स्वास्थ्य विभाग से मेले में हर एक सेक्टर में मेडिकल की युनिट लगाने, हर जोन में एक-एक उपचार केंद्र और कम से कम हर जोन में एक-एक एंबुलेंस लगाई जाए।
स्नान घाट पर महिला चेंजिंग रूमों पर प्रत्येक पर महिला कांस्टेबिल तैनात करने का निर्देश दिया। डीएम ने मेले में पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रशाधन बनाने को कहा। पावर कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता से खुले तारों में टेप लगवाने और मेले में रोड पर दुकानें न लगाने को कहा।
दुकानों के लिए मैदान तलाशने की बात कही। एक स्थान पर सभी दुकानें लगवाई जाएं। राम की पैड़ी की दुर्व्यवस्था पर सिंचाई विभाग के एई पीके श्रीवास्तव व जेई रामानंद गुप्त को फटकारा। डीएफओ से छुट्टा पशुओं को पकड़ कर मेला क्षेत्र से बाहर करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण में सीडीओ अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एडीएम सिटी आरएन शर्मा, विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।