पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के मद्देनजर अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) मास्टर प्लान बनाएगा। यह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मानकों पर आधारित होगा, जिसकी मियाद आने वाले 500 वर्ष की होगी। विश्व के बड़े व आधुनिक शहरों का विकास कर चुकी कंपनी को बतौर कंसलटेंट नियुक्त किया जाएगा। यह कंपनी धर्मनगरी के अयोध्या समेत गोंडा-बस्ती के सीमाई इलाकों में नव्य अयोध्या का विस्तारीकरण का खाका तय करेगी। साथ ही पुरानी अयोध्या और तीनों परिक्रमा मार्ग के विकास व पर्यटन हब के लिए विशेष रूप से काम करेगी। इसमें तीन चरण में चार अलग-अलग डीपीआर बनाकर विकास पर आने वाले खर्च का अनुमान भी प्रस्तुत करेगी। जिसके आधार पर पांच सालों का ब्लू प्रिंट तय होगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे खास योजना में शामिल सप्तपुरी में सबसे अहम अयोध्या को विश्व की सर्वाधिक खूबसूरत व आधुनिक नगरी के रूप में विकसित किया जाना है। इसमें एक बड़े, स्थायी व लंबी मियाद वाले प्रोजेक्ट की जरूरत है। इस प्रोजेक्ट पर अयोध्या विकास प्राधिकरण ने काम करना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने अयोध्या की पौराणिकता व धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए एक प्रेजेंटेशन तैयार किया है। इसमें अयोध्या में विकास के मानक क्या होंगे? इसका निर्धारण किया गया है। इसके लिए विकास प्राधिकरण एक कंपनी को बतौर कंसलटेंट नियुक्त करेगा। नियुक्त होने वाली कंपनी के लिए शर्त ये है कि उसने विश्व के किसी बड़े व आधुनिक शहर का विकास
किया हो। साथ ही कंपनी को हर प्रकार की तकनीकी जानकारी हो। कंपनी तीन चरण में काम करेगी।
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पहले चरण में आर्थिक, धार्मिक, पर्यटन व भविष्य की संभावनाओं का डाटा एकत्रित कर मास्टर प्लान बनाया जाएगा। दूसरे चरण में वैदिक रामायण आर्किटेक्ट व 5 कोसी, 14 कोसी व 48 कोसी परिक्रमा मार्ग, इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट, स्मार्ट टाउनशिप, हाई इंटरनेट स्पीड, टूरिज्म हब, रीवर फ्रंट डेवलपमेंट, घरेलू व व्यावसायिक पर्यटन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर व हेरिटेज सिटी का प्लान शामिल किया गया है। तीसरे व अंतिम चरण में अयोध्या शहर का एरिया बढ़ाने, अयोध्या विकास प्राधिकरण का एरिया बढ़ाने, पुराने शहर को नया लुक देने के साथ वहां ट्रांसपोर्ट से लेकर समस्त आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्लान तैयार किया जाएगा।
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मंडलायुक्त की ओर से मिल चुकी है अनुमति
विकास प्राधिकरण की ओर से बनाये जाने वाले मास्टर प्लान का प्रजेंटेशन हो चुका है। इसमें जनपद के विकास से संबंधी समस्त विभागों की ओर सहमति दी गयी है। मंडलायुक्त व विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एमपी अग्रवाल ने प्लान को आगे बढ़ाने की बात कही है। इसमें लोक निर्माण विभाग, नगर निगम अयोध्या, पर्यटन, एनएचआई, एयरपोर्ट अथॉरिटी, राजस्व सहित अन्य विभागों को सदस्य के रूप में रखे जाने का प्रस्ताव है।
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161 सप्ताह में तैयार होगा पूरा प्लान
अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से तय गाइडलाइन के अनुसार पूरा मास्टर प्लान व डीपीआर 161 सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। प्रथम चरण के कार्य के लिए 12 सप्ताह, दूसरे चरण के लिए 14 व तीसरे चरण के लिए 135 सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। अंतिम चरण में ही डीपीआर बनाया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली सुविधाओं के लिए आगामी 500 वर्षों का मास्टर प्लान विकास प्राधिकरण तैयार करने जा रहा है। इसके लिए कार्य की तकनीकी जानकारी व अनुभव रखने वाली विश्व की किसी बड़ी कंपनी को बतौर कंसल्टेन्ट नियुक्त किया जाएगा। इसे तैयार करने में 161 सप्ताह का लक्ष्य रखा गया है। इस पर मौजूदा समय में काम शुरू हो जाएगा। 3 सप्ताह में कंपनी का चयन कर लिया जाएगा, फिर उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। - विशाल सिंह, वीसी, अयोध्या विकास प्राधिकरण