अयोध्या। कंचन कलस बिचित्र संवारे। सबहिं धरे सजि निज निजद्वारे।।
बंदनवार पताका केतू। सबन्हि बनाए मंगल हेतू।। ....अर्थात सोने के कलशों को विचित्र रीति (स्वण माणिक्य) से अलंकृत और सजाकर सब लोगों ने अपने-अपने दरवाजों पर रख लिया। सब लोगों ने मंगल के लिए बंदनवार, ध्वजा और पताकाएं लगाईं।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अयोध्या वापस लौटने के दौरान अयोध्या नगरी में दिखा यह दृश्य श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन के अवसर पर एक बार फिर जीवंत हो उठा। बुधवार को अयोध्या नगरी के साथ-साथ फैजाबाद शहर रामभक्ति के रंग में सराबोर दिखा। गली-कूचों में भगवा ध्वज पताकाएं फहराती नजर आईं। भूमि पूजन शुरू होते ही नगरवासी हर्षोल्लास में डूब गए। सड़क, चौराहों पर लोग ढोल, नगाड़ों पर थिरकते दिखे। महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग अपने-अपने ढंग से उत्सव मनाते दिखे। शहर की लगभग सभी मंदिरों में अनुष्ठान व सुंदरकांड पाठ करने में भक्त लीन रहे। पेश है नगर के विहंगम दृश्य को प्रदर्शित करती एक रिपोर्ट...
रंगोली सजाने में मग्न दिखीं बालिकाएं
बुधवार की पूर्वाह्न 11:15 बजे का यह दृश्य शहर के रिकाबगंज हनुमान मंदिर के निकट नारायण ज्वैलर्स के सामने का है। राजू अग्रवाल के परिवार की ऋचा अग्रवाल सहित अन्य बालिकाएं भगवान श्रीराम की रंगोली सजाने में मग्न दिखीं। राजू अग्रवाल ने कहा कि लंबी अवधि के बाद यह शुभ घड़ी आई है। हमे हिंदुत्व पर गर्व पर है।
ढोल-नगाड़ों के साथ मोहल्ले में जश्र
सिविल लाइन के पार्षद जय नरायण सिंह रिंकू के नेतृत्व में लोग दोपहर में बारह बजे मौदहा चौराहा पर ढोल-नगाड़ों के साथ नजर आए। यहां से जय श्रीराम के उद्घोष के साथ पूरे सिविल लाइन वार्ड में भ्रमण कर जश्र मनाया। पार्षद ने कहा कि हमें गर्व है कि इस स्वर्णिम पल के हम गवाह बन रहे हैं।
टीवी पर गड़ी रही नजरें
सिविल लाइन के हौसलानगर कालोनी निवासी शिवाकांत शुक्ला परिवार के साथ प्रधानमंत्री के आगमन के बाद से लगातार टीवी पर नजरें गड़ाए भूमि पूजन का दृश्य देखते रहे। माता कमल कुमारी कहती हैं कि इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए आंखों में रोशनी है, यह भगवान की कृपा ही है। एक बार रामलला का दर्शन कर लूं, बस यही इच्छा है।