अयोध्या। अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन के ऐतिहासिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदी पटेल के शामिल होने के चलते बुधवार को जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसके लिए बीते एक पखवारे से प्रदेश व जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा लगातार मंथन किया जा रहा था।
सुरक्षा इंतजामों के लिए बनाई गई रणनीति के तहत मंगलवार की रात से अयोध्या की सीमा को सील कर दिया गया, किसी तरह के वाहन व लोगों को अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। देर रात हाईवे को भी सील कर गोंडा, बस्ती, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुलतानपुर, अमेठी की ओर से आने वाले वाहनों को डायवर्ट कर उनके गंतव्य पर रवाना किया। वहीं, रात से ही बार्डर समेत हाइवे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
दूसरी ओर अयोध्या में प्रवेश के सभी मार्गों पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे, इन रास्तों से किसी को अंदर या बाहर नहीं जाने दिया गया। अयोध्या की गलियों व चौराहे पर भी पुलिस बल तैनात रहा। इसके चलते सुबह से ही सड़कें सूनी रहीं।
एडीजी लखनऊ जाकन एसएन साबत ने बताया कि वीवीआईपी सुरक्षा के लिए मानक अनुरूप इंतजाम किए गए थे। ऐहितयातन हाइवे बंद किया था साथ कार्यक्रम समाप्ति तक अयोध्या की सीमा सील की गई थी। मुख्य कार्यक्रम स्थल श्रीरामजन्मभूमि पर प्रवेश के लिए बने द्वार पर एटीएस व आरएएफ तैनात रही। यहां से अंदर प्रवेश करने वाले अतिथियों को मिले निमंत्रण पत्र पर अंकित सिक्योरिटी कोड को वैरीफाई करने के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश करने दिया गया।
एडीजी स्तर के तीन अफसरों के जिम्मे रही सुरक्षा
सुरक्षा को लेकर अयोध्या को पांच जोन में बांटा गया था, प्रत्येक जोन में एसपी स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया था। सुरक्षा की कमान एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत, एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार, एडीजी सुरक्षा वीके सिंह ने संभाल रखी थी।