राममंदिर के समानांतर रामनगरी अयोध्या भी विकसित नजर आएगी। अगले तीन वर्षों के भीतर नई अयोध्या न सिर्फ धार्मिक, आध्यात्म का केंद्र होगी बल्कि पर्यटन हब बनने की ओर भी अयोध्या अग्रसर है। रामनगरी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की कई योजनाओं पर सरकार गंभीर है।
राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ-साथ अयोध्या को संजाने-संवारने का काम भी तेज होगा, तो पयर्टन के क्षितिज पर भी अयोध्या नए आयाम स्थापित करेगी। आकर्षक व विश्वस्तरीय सड़कें, बस अड्डा, सरयू घाटों की भव्यता, भजन संध्या स्थल, रानी हौ पार्क, मल्टीलेवल पार्किंग सहित अन्य योजनाएं रामनगरी की गरिमा को वैश्विक बनाने का काम करेंगी।
रामनगरी अयोध्या में राममंदिर के साथ ही अयोध्या को विकसित करने का खाका तैयार करने का भी होमवर्क हो रहा है। कुछ योजनाएं जहां तेजी से चल रही हैं और पूरी होने को हैं, तो कुछ नई योजनाओं से अयोध्या की सूरत बदलने की कवायद तेज हो गयी है।
माना जा रहा है कि अयोध्या में दिव्य-भव्य राममंदिर निर्माण होने के साथ ही बड़ी संख्या में भक्तों एवं देशी-विदेशी पर्यटकों का आगमन भी बढ़ेगा। इसलिए ऐसा प्रयास है कि अयोध्या धार्मिक केंद्र होने के साथ-साथ पर्यटन का भी केंद्र बने।
इसी योजना के फलस्वरूप पर्यटन विकास की करीब 4 सौ करोड़ की योजना पर काम चल रहा है। अयोध्या की सड़कों को विश्वस्तरीय बनाने की कवायद शुरू हो गयी है। सरयू घाटों का विस्तार कर उन्हें भव्यता प्रदान किया जाना है। अयोध्या के पंचकोसी एवं चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग को यात्री सुविधाओं से आच्छादित किया जा रहा है।
251 मीटर श्रीराम की प्रतिमा बढ़ाएगी आकर्षण
रामनगरी अयोध्या में श्रीराममंदिर निर्माण के साथ-साथ 251 मीटर प्रभु श्रीराम की प्रतिमा भी स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गयी है। इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ का बजट भी पहले ही स्वीकृत कर दिया है। पर्यटन अधिकारी आरके यादव ने बताया कि श्रीराम की प्रतिमा के लिए मांझा बरहटा की जमीन का चयन लगभग फाइनल है। शीघ्र ही मूर्ति स्थापना का काम शुरू होगा। बताया कि मूर्ति के बेसमेंट में एक भव्य म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा। इस म्यूजियम में भगवान विष्णु के सभी अवतारों की जानकारी होगी।
बाईपास पर बन रहा आधुनिक बस अड्डा
अयोध्या हाईवे पर आधुनिक बस अड्डे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है। बस अड्डा निर्माण कार्य मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। पांच एकड़ में बन रहे बस अड्डे में एक साथ 44 बसें खड़ी हो सकती हैं। इसके साथ ही आधुनिक सुविधाओं से लैस टिकटघर, विश्रामालय आदि का भी निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है। कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम का कहना है कि मार्च 2021 तक बस अड्डा बनकर तैयार हो जाएगा। निकट भविष्य में बस अड्डे के विस्तारीकरण की भी योजना है।