अयोध्या। लॉकडाउन के कारण 84 कोसी परिक्रमा की सदियों की परंपरा भी टूट गई। वर्षों से मखधाम मखौड़ा से प्रतिवर्ष होने वाली 84 कोसी परिक्रमा बुधवार को शुरू नहीं हो पाई। हालात को देखते हुए विहिप व महंत गया दास के नेतृत्व में होने वाली परिक्रमा को डेढ़ सप्ताह पहले ही स्थगित किया गया था।
विश्व हिंदू परिषद ने बस्ती जिले के मखौड़ा से शुरू होने वाली 84 कोसी परिक्रमा को अपने घरों में प्रभु राम के विग्रह अथवा चित्र की परिक्रमा कर इसे सांकेतिक तौर पर पूरी करने को कहा है।
विहिप ने 84 कोसी परिक्रमा क्षेत्र में पड़ने वाले 24 धार्मिक विश्राम स्थलों के प्रभारियों से कहा है कि वे अपने इलाके के श्रद्धालुगणों से सांकेतिक तौर पर इसे अपने घरों में पूरा करने के लिए अपील जारी करें। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि घरों में ही हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ करके ईश्वर से प्रार्थना करें कि कोरोना जैसी महामारी से देश को जल्द मुक्ति मिले।
उन्होंने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा और राम जन्मोत्सव के सारे कार्यक्रम पहले ही स्थगित कर सांकेतिक तौर पर मनाने के निर्देश संतों ने दिए थे। इनको सांकेतिक तौर पर श्रद्धा और विश्वास के साथ घर पर ही लोग मनाएंगे। उन्होंने बताया कि मखौड़ा से 84 कोसी परिक्रमा शुरू होनी थी जो अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, बाराबंकी आदि जिलों से होकर अयोध्या में समाप्त होती है। लेकिन कोरोना वायरस संकट के चलते विश्व हिंदू परिषद ने अपने सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है।